रामपुर (यूपी): राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में तमाम दिलचस्प किस्से देखने-सुनने को मिल रहे हैं. अब उत्तर प्रदेश के रामपुर (Rampur, Uttar Pradesh) जिला मुख्यालय में नया दिलचस्प मामला सामने आया है. रामपुर शहर में बिना किसी तामझाम के लॉकडाउन की हकीकत जानने सड़क पर अकेले पैदल निकले डीएम को लोगों ने अनजाने में आड़े हाथों ले लिया. जिलाधिकारी को आम-नागरिक समझकर लोगों ने यहां तक कह दिया कि “लॉकडाउन में सड़क पर टहल रहे हो, पुलिस पकड़कर बंद कर देगी. मारेगी सो अलग. लौट जाओ.” Also Read - पिछले 10 साल से कब्रिस्तान और श्मशान से कफन चुराकर बेच रहा था गैंग, सात लोग गिरफ्तार

जिलाधिकारी रामपुर आञ्जनेय कुमार सिंह (Rampur DM) यह सब देख व सुनकर कुछ नहीं बोले और चुपचाप आगे बढ़ते रहे. रामपुर जिला पुलिस मुख्यालय सूत्रों ने कहा, “बुधवार को जिलाधिकारी एके सिंह सुबह सात बजे बिना किसी को बताए अचानक बिलासपुर इलाके में जा पहुंचे. वहां उन्होंने मुल्ला खेड़ा मेन रोड पर सब्जी विक्रेताओं का हुजूम लगा देखा.” पुलिस सूत्रों के मुताबिक, “लॉकडाउन में इलाके में बेतहाशा भीड़ देखकर जिलाधिकारी ने उप-जिलाधिकारी और पुलिस इंस्पेक्टर को सरेआम बुरी तरह लताड़ा.” Also Read - इन दस राज्यों में कोविड-19 के 71 फीसदी से ज्यादा नए मामले, महाराष्ट्र और कर्नाटक सबसे आगे

सूत्रों के मुताबिक, “डीएम को तय स्थान से खुद डिप्टी कलक्टर, क्षेत्राधिकारी पुलिस (सीओ) और पुलिस इंस्पेक्टर भी नदारद मिले. डीएम ने दो टूक सरेआम चेतावनी दी कि अगर अब जिला प्रशासन या फिर पुलिस प्रशासन का जो भी जिम्मेदार अफसर लापरवाही बरतता मिला, तो उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा. गुस्साए जिलाधिकारी आञ्जनेय कुमार सिंह ने ड्यूटी पर लापरवाही पाए जाने पर कई सेक्टर मजिस्ट्रेट को कारण बताओ नोटिस तक जारी कर दिया है.” डीएम ने कुछ पेट्रोल पंपों पर सोशल डिस्टेंसिंग सही से लागू न होने पर उनके चालान कटवाए. इसके अलावा सड़क पर खड़े होकर 100 से ज्यादा वाहनों का भी चालान कटवाया. Also Read - UP: इटावा लॉयन सफारी में दो शेरनियां COVID-19 से पॉजिटिव मिली, आइसोलेशन में रखीं गईं

रामपुर जिलाधिकारी आञ्जनेय कुमार सिंह से बात की. उन्होंने कहा, “सरकारी मशीनरी पर नजर रखना जरूरी है. यह सब पहली जिम्मेदारी मेरी है, डीएम होने के नाते. इसलिए मेरा शहर में कहीं भी चले जाना कोई नई बात नहीं है. आम आदमी की तरह रोड पर जाने से मुझे अपने ही मातहत सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की कमजोरियों का पता चलता है. इन कमियों को तुरंत दूर करने की कोशिश भी करता हूं.”

दरअसल, इससे पहले भी डीएम ऐसा कर चुके हैं. शहर में लॉकडाउन नियमों के पालन की हकीकत परखने को रामपुर के डीएम 10-11 अप्रैल को आधी रात में बिना सरकारी लाव-लश्कर के अकेले ही मोटरसाइकिल से शहर की सड़कों पर निकल गए थे. औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शहर में कई जगह लॉकडाउन ड्यूटी में खामियां पाईं. अगले दिन उन्होंने कुछ लापरवाह सेक्टर मजिस्ट्रेट्स को दफ्तर बुलाकर खूब खरी-खोटी सुनाई. जबकि उस रात भ्रमण के दौरान एलआईसी चौराहे पर डीएम को मोहित नाम के जिस सिपाही ने बेवजह मोटरसाइकिल पर घूमने के आरोप में हड़काया था, उसे अगले दिन डीएम ने दफ्तर में बुलाकर शाबाशी दी. बाकायदा उस सिपाही को उसकी कर्तव्यनिष्ठा का लिखित प्रमाणपत्र भी सौंपा गया.