#Reject Zomato: फूड डिलिवरी ऐप Zomato एक बार फिर से विवादों में घिर गया है. इस बार राष्ट्रभाषा को लेकर जोमैटो के स्वाद का जायका सोशल मीडिया टीम ने बिगाड़ दिया है. कंपनी के एक एक्‍जीक्‍यूटिव से कस्‍टमर की एक चैट के स्‍क्रीनशॉट्स तेजी से वायरल हो रहे हैं. इस चैट के जरिए लोग जोमैटो पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं और उसे हिदायत दे रहे हैं हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं है, समझे. कोई पूछ रहा है-हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है या नहीं. दरअसल विवाद की वजह ये है कि तमिलनाडु में रहने वाले एक शख्‍स ने आरोप लगाया कि Zomato एक्‍जीक्‍यूटिव ने उससे हिंदी सीखने को कहा.Also Read - Weather News Upadte: IMD का अलर्ट, कल रात से कहां होगी बर्फबारी, देश के किन राज्‍यों में होगी बारिश

हिंदी राष्‍ट्रभाषा है और सबको थोड़ी-बहुत आनी चाहिए’ Also Read - Omicron Threat: इन राज्‍यों में कोरोना वायरस के नए वारियंट ओमीक्रोन के मद्देनजर हाई अलर्ट

अब इस चैट के स्‍क्रीनशॉट्स को शेयर करते हुए विकास नाम के शख्‍स ने लिखा कि ‘कस्‍टमर केयर का कहना है कि मेरा रिफंड इसलिए नहीं किया क्‍योंकि मुझे हिंदी नहीं आती और इतना ही नहीं, उसने मुझे झूठा भी करार दे दिया.’ अब जोमैटो कर्मचारी पर ये भी आरोप लगा है कि उसने ये भी कहा है कि ‘हिंदी राष्‍ट्रभाषा है और सबको थोड़ी-बहुत आनी चाहिए.’ Also Read - टमाटर देश के कई राज्यों में 120 रुपए किलो से अधिक में बिक रहा

जोमैटो के खिलाफ मुहिम शुरू, अनइंस्टॉल किया जा रहा ऐप

इस चैट के वायरल होते ही कई लोगों ने Zomato से चैट पर यही सवाल पूछना शुरू कर दिया कि क्‍या हिंदी राष्‍ट्रभाषा है? पहले से ही दक्षिणी राज्‍यों में हिंदी ‘थोपे’ जाने के खिलाफ आवाज उठती रही है, ऐसे में सोशल मीडिया पर अब जोमैटो को सबक सिखाने को लेकर भी एक मुहिम शुरू हो गई है. इस ऐप को तेजी से अनइंस्‍टॉल किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि जोमैटो सामने आकर अपना स्‍टैंड साफ करे.

जानिए क्‍या है पूरा विवाद?

ट्विटर पर #Reject_Zomato ट्रेंड की शुरुआत हुई विकास नाम के एक यूजर के ट्वीट से, जिसके मुताबिक उन्‍होंने जो ऑर्डर किया उसमें से एक आइटम भी नहीं दिया गया था. उन्‍होंने ऐप पर कस्‍टमर केयर से चैटिंग शुरू की. कस्‍टमर ने मिसिंग आइटम का रिफंड मांगा तो एक्‍जीक्‍यूटिव ने उन्‍हें बताया कि होटल वाले उसकी भाषा नहीं समझ पा रहे हैं.

इस‍पर विकास ने कहा कि इसकी चिंता करना उनका काम नहीं है. उन्‍होंने लिखा कि ‘अगर जोमैटो तमिलनाडु में उपलब्‍ध है तो उन्‍हें ऐसे लोगों को रखना चाहिए जो भाषा समझते हों.’ जवाब में जोमैटो एक्‍जीक्‍यूटिव ने कहा कि ‘हिंदी हमारी राष्‍ट्रभाषा है. तो यह बेहद कॉमन है कि सबको थोड़ी-बहुत हिंदी आनी चाहिए.’ इसके बाद विकास ने कहा कि जोमैटो को माफी मांगनी चाहिए और अपनी सफाई पेश करनी चाहिए. जोमैटो ने कहा कि विकास जवाब से संतुष्ट हैं. लेकिन इससे पहले ही स्क्रीनशॉट्स ने बवाल मचा दिया है.