कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण दुनिया भर में धार्मिक उत्सव रद्द किए जा रहे हैं. पर एक ऐसा देश है जहां के लोग इस बात से डर रहे हैं कि इससे कहीं ईश्वर नाराज ना हो जाएं.Also Read - CoronaVirus In India Update: कोरोना ने तोड़ा रिकॉर्ड, एक दिन में मिले 3 लाख 17 हजार 532 नए मरीज, घबराएं नहीं, सतर्क रहें

ये देश है नेपाल. खबर है कि नेपाल में कोरोना फैलने से रोकने के लिए इस साल ‘इंद्रजात्रा’ उत्सव समेत कई पर्वों को सार्वजनिक तौर पर मनाए जाने की मनाही है. पर वहां के लोगों को डर है कि पूरे विधि-विधान से अनुष्ठान नहीं करने के कारण ईश्वर उनसे रुष्ट हो जाएंगे और उन्हें उनके प्रकोप का भागी बनना पड़ेगा. Also Read - Viral Video: "वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती, हम...", वैक्सीन बर्बादी के आरोपों पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का शायराना जवाब- देखें वीडियो

‘इंद्रजात्रा’ उत्सव के दौरान जिस पुराने महल में हर साल हजारों लोग एकत्र होते थे, वह इस बार खाली है, मंदिरों को बंद कर दिया गया है और सार्वजनिक तौर पर उत्सव मनाने पर रोक लगा दी गई है. Also Read - Coronavirus in India: पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2.82 लाख नए केस, कल से 18 फीसदी ज्यादा

नेपाल में पतझड़ के दौरान कई त्योहार मनाए जाते हैं, लेकिन इस बार कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लोगों को अपने घर में रहकर ही ये पर्व मनाने पड़ेंगे.

नेपाल में अनेक लोगों का मानना है कि उचित विधान से पूजा नहीं करने से भगवान उनसे नाराज हो जाएंगे और इससे तबाही आ जाएगी.

बता दें कि काठमांडू में एक रथयात्रा के दौरान सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने के कारण पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी.

इंद्रजात्रा पर्व
इस उत्सव के दौरान कुमारी देवी (जीवित देवी चुनी जानी वाली कन्या) को रथ में बैठाकर काठमांडू के बीचोंबीच लाया जाता है, लेकिन इस बार रथयात्रा रद्द होने के बाद कुमारी देवी अपने मंदिर भवन से बाहर नहीं निकलीं. उनके रथ को ताला लगा दिया गया है और पुलिस को सुरक्षा में तैनात किया गया है.

कुमारी देवी के रूप में एक बच्ची का चयन किया जाता है और मासिक धर्म शुरू होने तक उनकी पूजा की जाती है. बड़े अधिकारी और आम लोग उनका आशीर्वाद लेने के लिए उनके पैर छूते हैं.
(एजेंसी से इनपुट)