Remdesivir Real Or Fake: देश भर में कोरोना (Coronavirus) की दूसरी लहर के कारण हाहाकार मचा है. गंभीर मरीजों के ईलाज के लिए डॉक्टर्स रेमेडिसविर (Remdesivir) इंजेक्शन की मांग कर रहे हैं. पर इस बीच इसकी कालाबाजारी की खबरें भी आ रही हैं. कुछ लोग नकली रेमेडिसविर बेच रहे हैं, ये भी पता चला. ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि आखिर कैसे इस इंजेक्शन के असली या नकली होने की पहचान की जाए.Also Read - हफ्ते में सिर्फ 3 दिन जाना होगा ऑफिस, 8 फीसदी बढ़ेगी सैलरी; जानिए - कौन सी कंपनी दे रही है यह सुविधा

अगर आपके मन में भी इसी तरह का सवाल है तो ये खबर आपके बेहद काम की है. दरअसल, अब आप असली और नकली दवा की बेहद आसानी से पहचान कर सकते हैं. Also Read - भारत में Omicron के सब वेरिएंट BA.5 के एक और मरीज की पुष्टि, दक्षिण अफ्रीका से वडोदरा आया था शख्स

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की डीसीपी और IPS अफसर मोनिका भारद्वाज ने इससे संबंधित ट्वीट किया है. ये काफी वायरल भी हो रहा है. Also Read - सऊदी अरब में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, भारत समेत इन देशों में यात्रा करने पर लगा प्रतिबंध

उन्होंने ट्वीट में इस बात की जानकारी दी है कि असली व नकली दवा में क्या फर्क दिखता है. उन्होंने रेमेडिसविर के पैकेट के ऊपर कुछ गलतियों के बारे में बताया है, जिन पर गौर करके ही आप असली और नकली रेमेडिसविर के बीच फर्क को जान सकते हैं.

देखें-

कुछ खास बातें जिन पर ध्यान देना है, वे हैं-

  1. नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन के नाम से ठीक पहले ‘Rx’ नहीं है.
  2. असली इंजेक्शन के पैकेट पर ‘100 mg/Vial’ लिखा है, जबकि नकली पैकेट पर ‘100 mg/vial’ लिखा है. यानी स्पेलिंग नहीं कैपिटल लेटर का फर्क है, गौर करें.
  3.  असली पैकेट पर जहां ‘For use in’ लिखा है तो वहीं नकली पैकेट पर ‘for use in’ है. यहां भी लेटर का झोल है.
  4.  असली रेमेडिसविर इंजेक्शन के पैकेट के पीछे वॉर्निंग लाल रंग में है, जबकि नकली पैकेट में काले रंग में.