
Digpal Singh
साल 2005-2006 में माखनलाल चतुर्वेदी युनिवर्सिटी से PGDM करने के बाद दो वर्ष तक कई अखबारों के लिए फ्रीलांसर के तौर पर काम किया. साल 2008 में लाइवहिंदुस्तान (HT Media) ... और पढ़ें
Muzaffarnagar : बच्चे स्कूल में शिक्षा लेने जाते हैं. माता-पिता भी अपने बच्चों को शिक्षित करने और अच्छा इंसान बनने के लिए ही स्कूल भेजते हैं. लेकिन अगर स्कूल का टीचर (School Teachers) ही बच्चों में नफरत की बीज बोए तो फिर नफरत की खेती लहलहाएगी ही. मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का है. यहां एक टीचर का वीडियो वायरल (Video Viral) हो रहा है, जिसमें महिला टीचर ने एक कथित मुस्लिम बच्चे को अपने पास खड़ा किया हुआ है. इसके बाद वह कक्षा में बैठे अन्य बच्चों को बारी-बारी बुलाती है और उस बच्चे को थप्पड़ मारने को कहती है. छोटे मासूम बच्चे टीचर का विरोध नहीं कर पाते और जैसा वह कहती है, वैसा करते हैं. इसके बावजूद कुछ बच्चे जब उस खड़े मुस्लिम बच्चे को धीरे से थप्पड़ मारते हैं तो टीचर कहती हुई भी सुनाई देती हैं कि तेज मारो.
मामला मुजफ्फरनगर के एक प्राइवेट स्कूल का बताया जा रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद इलाके के लोगों में गुस्सा है. अपने साथी बच्चों से थप्पड़ और पीठ पर मार खाने पर बच्चा रोता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन टीचर एक के बाद एक बच्चों को उसे मारने के लिए बुलाती रहती है. बैकग्राउंड में एक पुरुष की भी आवाज आती है, जो महिला टीचर के इस नफरती कारनामे का समर्थन करता है. इसी व्यक्ति ने यह वीडियो भी शूट किया है.
पुलिस के अनुसार उन्होंने भी यह वीडियो देखा है. पुलिस ने कल यानी शुक्रवार को बताया कि उन्होंने ट्विटर पर यह वीडियो देखा, जिसमें टीचर बच्चों से एक अन्य बच्चे को पिटवा रही हैं. SP सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि वीडियो मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर पुलिस थाना क्षेत्र का है. पुलिस के अनुसार बच्चे को पहाड़े (Tables) याद नहीं थे, इसलिए टीचर ने उसे खड़ा करके अन्य बच्चों से पिटवाया. SP का कहना है कि इस दौरान कुछ आपत्तिजनक बातें भी कही गईं, जो वीडियो में सुनाई दे रही हैं.
उन्होंने बताया कि वीडियो की जांच करने पर पता चला कि टीचर इस वीडियो में कह रही हैं, ‘जिन मॉमडन बच्चों की मां उनकी पढ़ाई पर ध्यान नहीं देती है, उन बच्चो की पढ़ाई का नाश हो जाता है.’ वीडियो बना रहा व्यक्ति भी टीचर की हां में हां मिलाता है.
SP प्रजापत ने बताया कि इस संबंध में बेसिक एजुकेशन ऑफिसर को जानकारी दे दी गई है और महिला अध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. इधर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी इस वीडियो पर रिएक्शन आया है. उन्होंने कहा, ‘मासूम बच्चों के दिमाग में भेदभाव का जहर दिख रहा है, इस तरह से स्कूल जैसी पवित्र जगह भी नफरत का बाजार बन गई है. एक अध्यापक देश के लिए इससे बुरा और क्या कर सकता है? यह नफरती कैरोसिन BJP ने ही डाला है, जो अब भारत के हर कोने को जला रहा है. बच्चे भारत का भविष्य हैं, उनसे नफरत न करें. हम सबको एक-दूसरे से प्यार करना सीखना चाहिए.’
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की अध्यक्ष प्रियंका कानूनगो ने रिक्वेस्ट की है कि यह वीडियो बच्चों के बीच शेयर न करें. उन्होंने बताया कि इस संबंध में संज्ञान लेकर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने कहा, वीडियो शेयर करके इस अपराध के भागीदार न बनें
वीडियो हमारे पास है, लेकिन हम एक जिम्मेदार संस्थान होने के नाते इस वीडियो को शेयर नहीं कर रहे हैं. अगर आपके पास भी यह वीडियो आता है तो जिम्मेदार नागरिक बनें और इस नफरत को फैलाने में अपराध के भागीदार न बनें.
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