प्यार की तलाश में टाइगर ने पार की नदियां और जंगल! महाराष्ट्र से चलकर अकेले पहुंच गया तेलंगाना, जानें पूरी स्टोरी

प्यार की तालाश में इंसान कुछ भी कर बैठता है, भले राह सात समुंद्र पार की क्यों ना हो. लेकिन सोशल मीडिया पर प्यार क्या होता है वह एक बाघ ने लोगों को सिखा गिया. इंटरनेट पर एक बाघ की कहानी तूफान की तरह वायरल हो रही है, कहा जा रहा है कि वह बाघ महाराष्ट्र से चलकर अकेले तेलंगाना पहुंच गया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

Published date india.com Published: November 5, 2025 10:18 PM IST
Tiger Love Story In Forest
Tiger Love Story In Forest

प्यार सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं, जानवरों में भी इसे महसूस करने की क्षमता होती है. हाल ही में महाराष्ट्र और तेलंगाना के जंगलों में एक खूबसूरत दृश्य देखने को मिला, जब एक टाइगर अपने साथी की तलाश में करीब 40 से 50 किलोमीटर तक घूमता रहा. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रैकिंग के दौरान पता चला कि उसने नदियां पार कीं और घने जंगलों को लांघते हुए अपने जीवनसाथी की तलाश में निकल पड़ा.

प्रणहिता नदी पार कर पहुंचा तेलंगाना का कागजनगर वन क्षेत्र

रिपोर्ट के मुताबिक, यह अनोखी घटना तेलंगाना के आदिलाबाद इलाके की है, जहां इस बाघ ने महाराष्ट्र की प्रसिद्ध प्रणहिता नदी में लंबी छलांग लगाई और अपनी मंजिल की तालाश में चलता रहा. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वन विभाग के अधिकारी सुषांत सुकदेव के अनुसार, टाइगर हर साल प्रजनन के मौसम में साथी, भोजन और पानी की तलाश में नदी पार करते हैं. यह बाघ भी उन्हीं में से एक था, जो प्रेम की तलाश में सब खतरे उठाने को तैयार था.

टाइगर कॉरिडोर ने दिखाई प्रकृति की अहमियत

यह कहानी केवल एक टाइगर की प्रेम यात्रा नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देती है. कागजनगर क्षेत्र महाराष्ट्र के ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व से तेलंगाना के जंगलों तक जाने वाला प्रमुख टाइगर कॉरिडोर है. ऐसे कॉरिडोर यह सुनिश्चित करते हैं कि बाघ जैसे दुर्लभ जीव बिना रुकावट जंगलों में स्वतंत्र रूप से घूम सकें, जिससे उनका प्राकृतिक संतुलन बना रहे. वन विभाग के अधिकारी लगातार इस बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं.

कई कैमरे उसकी हरकतों को ट्रैक कर रहे हैं, जबकि जमीनी पेट्रोलिंग भी चल रही है. अक्टूबर से दिसंबर के बीच चलने वाले प्रजनन सीजन में इस तरह की गतिविधियां बढ़ जाती हैं. वहीं, कागजनगर क्षेत्र में वन भूमि को फिर से जीवंत करने के लिए 2,200 एकड़ जमीन पर पौधारोपण किया गया है, जिससे बाघों का आवास और भी सुरक्षित बन सके.

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यूजर्स रह गए हैरान

सोशल मीडिया पर इस कहानी को सुन यूजर्स हैरान दिखे. इंस्टाग्राम से लेकर फेसबुक आदि लगभग सभी प्लेटफॉर्म पर इस कहानी को शेयर किया गया, जिसे पढ़कर यूजर्स ने कई बाते कहीं. एक यूजर ने लिखा- प्रकृति का नियम कितना ही खूबसूरत है. वहीं, अन्य ने लिखा मैं अगले साल जंगल ट्रैकिंग के लिए अपने दोस्तों के साथ जरूर जाउंगा और जिंदगी भर का एक शानदार जीवन को आंखों से देखूंगा.

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