Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के चौबेपुर पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों ने  “बुरी आत्माओं को दूर भगाने” के लिए एक “हवन” का आयोजन किया, जिसमें कानपुर के बिकरू गांव में  8 पुलिसकर्मियों की हत्या विकास दुबे गैंग ने हत्या कर दी थी. जिसके बाद चौबेपुर पुलिस स्टेशन से सभी पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया था.Also Read - UP New DGP: 1987 बैच के IPS मुकुल गोयल बने UP के नए पुलिस महानिदेशक

इसके बाद इस पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों को एक स्थानीय पुजारी ने बुरी आत्माओं से मुक्ति पाने के लिए नियमित रूप से पूजा-पाठ करने की सलाह दी थी. इसीलिए मंगलवार को इस पुलिस स्टेशन में बुरी आत्माओं से मुक्ति पाने के लिए हवन किया गया, जिसमें कुछ स्थानीय ग्रामीणों के अलावा लगभग सभी ड्यूटी कर्मचारियों ने भाग लिया. Also Read - Uttar Pradesh News: पत्थरबाजी से बचने के लिए यूपी पुलिस ने प्लास्टिक के स्टूल और टोकरी का लिया सहारा, तस्वीरें वायरल

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “कई पुलिसकर्मयों ने ड्यूटी के दौरान असहज महसूस करने की शिकायत की थी, इसलिए हमने सोचा कि हवन से माहौल सुधर सकता है. हमने बिकरू हत्याकांड के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हम अतीत को अब याद नहीं करना चाहते हैं. Also Read - होटल के कमरे में छापेमारी करने घुसी पुलिस, अंदर का नजारा देख शर्म से झुका ली आंखें, जानिए

हवन में शामिल एक पुजारी ने “पूजा” की और कर्मचारियों को बुरी आत्मा से छुटकारा पाने के लिए पुलिसकर्मियों को समझाने के लिए मंत्रों का उच्चारण किया और फिर बताया कि पुलिस स्टेशन अब बुरे प्रभावों से मुक्त हो गया है. जब हवन हो रहा था, तब तक सभी शिकायतकर्ता बाहर खड़े रहे. सभी पुलिसकर्मी किसी भी शिकायतकर्ता  में शामिल नहीं हुआ, जो पूजा खत्म होने का इंतजार कर रहे थे.

चौबेपुर स्टेशन के कार्यवाहक प्रभारी डी चौधरी ने संवाददाताओं को बताया, “थाने की पवित्रता के लिए हवन किया गया.”

कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गाँव में आठ पुलिसकर्मियों पर घात लगाकर हमला किया गया, जब वे गिरोह के सरगना विकास दुबे को गिरफ्तार करने गए थे. विकास दुबे 10 जुलाई को एक मुठभेड़ में मारा गया था जबकि उसके पांच साथी भी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए थे।शेष या तो गिरफ्तार कर लिए गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है.

2 जुलाई की रात को बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची कानपुर पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे गैंगस्टर और उसके गुर्गों ने हमला कर दिया था. हमले में बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.