
Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
Vande Bharat sleeper train Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी. इसे भारत की सबसे अत्याधुनिक ट्रेन कहा जा रहा है. हावड़ा और गुवाहाटी के बीच शुरू हुई इस ट्रेन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर छा गए और लोग सुविधाओं की तारीफ भी कर रहे थे. लेकिन, कुछ ही घंटे में एक ऐसा वीडियो भी देखने को मिला जिसने लोगों को गुस्से से भर दिया.
नई शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में गंदगी का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है. वायरल हो रहा वीडियो मालदा का बताया जा रहा है जिसे एक यात्री ने शूट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. वीडियो में ट्रेन के कोच में प्लास्टिक के पैकेट और चम्मच बिखरे हुए दिख रहे हैं. इसे पोस्ट करने वाले शख्स ने लिखा, “लोग वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद उसमें गंदगी फैला रहे हैं. बस सिविक सेंस देखिए.”
People litter on vande bharat Sleeper train within hours of its inaugural run.
Just see the civic sense pic.twitter.com/cCcvbJJWoL
— Indian Infra Report (@Indianinfoguide) January 18, 2026
कुछ ही देर में ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कई यूजर्स ने लक्जरी ट्रेन में गंदगी फैलाने के लिए जिम्मेदार लोगों के प्रति नाराजगी जाहिर की. वीडियो पर कमेंट करते हुए लोगों ने कहा कि अगर सिविक सेंस नहीं होगा तो वंदे भारत जैसी विश्व स्तरीय ट्रेन हो या एयरपोर्ट या फिर शानदार सड़कें, किसी को भी मेंटेन नहीं किया जा सकता. लोगों ने कहा कि सिविक सेंस को स्कूलों में पढ़ाने की जरूरत है. एक अन्य यूजर ने कहा कि वंदे भारत एक शानदार ट्रेन है लेकिन लोग ही इसे डस्टबीन बनाने में जुटे हुए हैं.
पूरी तरह वातानुकूलित इस ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं जिनमें 823 यात्रियों के एक साथ यात्रा करने की क्षमता है. ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि यह लगभग 958 से 968 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 14 घंटे में तय करेगी जो मौजूदा ट्रेनों के मुकाबले करीब 2.5 से 3 घंटे कम समय है. इसकी अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जिससे भविष्य में इसे और तेज बनाया जा सकेगा.
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस सेवा से न केवल यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर मिलेगा बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम, ऑटोमैटिक दरवाजे और बेहतर बर्थ की व्यवस्था की गई है. खास बात यह भी है कि सफर के दौरान यात्रियों को क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद मिलेगा जिसमें बंगाली और असमिया खान-पान शामिल होगा. यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलाई जाएगी.
कोचों की बात करें तो इस स्लीपर वंदे भारत में 11 एसी थ्री टियर, 4 एसी टू टियर और 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल है. रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस ट्रेन में आरएसी यानी वेटिंग सीट का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है ताकि यात्रियों को पूरी तरह आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके.
किराए को लेकर भी मिडिल क्लास को ध्यान में रखा है. हावड़ा-गुवाहाटी के बीच हवाई यात्रा का किराया जहां लगभग 6 से 8 हजार रुपए तक होता है, वहीं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में थर्ड एसी का किराया भोजन सहित करीब 2,300 रुपए, सेकंड एसी का लगभग 3,000 रुपए और फर्स्ट एसी का करीब 3,600 रुपए तय किया गया है.
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