Hindu-Muslim brotherhood: पिछले काफी दिनों से कश्मीर में एनकाउंटर की खबरें आ रही हैं. सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जैसी खबरों के बीच अब एक सुकून देने वाली खबर आई है. ये खबर देश में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल कायम करती है.Also Read - PM Modi को जन्मदिन की बधाई देने में गलती कर गए Salman Khan, देखते ही लोगों ने जताई नाराजगी

खबर है कि जम्मू एवं कश्मीर के बांदीपोरा जिले में गुरुवार को एक कश्मीरी पंडित महिला का अंतिम संस्कार पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने किया. Also Read - Viral: स्कूली बच्चों के खातों में कहां से आए थे करोड़ों रुपये? कटिहार के डीएम ने दी जानकारी

इस घटना से दोनों समुदायों के बीच आपसी भाईचारे की सदियों पुरानी परंपरा फिर से बनती नजर आई. Also Read - बॉस नहीं दे रहा था सैलरी, कर्मचारी ने करोड़ों की गाड़ियों का बना दिया कबाड़ा | Viral हुआ ये Video

बांदीपोरा जिले के कलूसा गांव में मोतीलाल भट्ट की पत्नी रानी भट्ट (75) की बुधवार को मौत हो गई, उसका अंतिम संस्कार गुरुवार को किया गया.

कोविड-19 महामारी को नजरअंदाज करते हुए दर्जनों मुस्लिम पड़ोसी शोक प्रकट करने भट्ट परिवार के घर पहुंच गए. इससे हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की सदियों पुरानी परंपरा जीवंत हो उठी, जिसके लिए कश्मीर जाना जाता है.

पंडित महिला की मौत पर शोक प्रकट करने पहुंचीं मुस्लिम महिलाएं भी रोती नजर आईं.

मुस्लिम पुरुषों ने मिट्टी का बर्तन उठाया, शव को कंधा दिया और लकड़ियों से चिता तक बनाई.
(एजेंसी से इनपुट)