Water Tank In Time Of Mughals: इतिहास में भी पानी की टंकियों का विवरण पाया जाता है. लोग पानी को एकत्रित करने के लिए इनका उपयोग किया करते थे. लेकिन क्या आपने कभी इन्हें देखा है? Also Read - पानी की टंकी में मिले 13 बंदरों के शव, स्थानीय लोगों का आरोप- जहर देकर की गई हत्या

आगरा में फव्वारे के साथ एक पानी की टंकी मिली है जो 16वीं शताब्दी के मुगल युग की बताई जा रही है.
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को खुदाई के दौरान फतेहपुर सीकरी में ये पानी की टंकी मिली है.
टोडरमल बारादरी के संरक्षण कार्य की खोज के दौरान जब आसपास के क्षेत्र की खुदाई की गई तब इस पानी की टंकी का पता चला. Also Read - Three people Death from poisonous gas during cleaning of water tank in rajasthan | राजस्थान: पानी टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से तीन लोगों की मौत

बारादरी या बारा दरिया एक इमारत या मंडप जैसी जगह होती है, जिसमें बारह दरवाजे होते हैं ताकि हवा का मुक्त प्रवाह हो सके.

एएसआई (आगरा सर्कल) के पुरातत्वविद, वसंत स्वर्णकार ने कहा, खुदाई के दौरान, एक वर्गाकार टैंक, जिसकी लंबाई 8.7 मीटर और 1.1 मीटर की गहराई है, की खोज की गई.

फव्वारा टैंक का फर्श चूने से प्लास्टर किया गया था. यह उस समय बारादरी के साथ बनाया गया होगा. एएसआई अब क्षेत्र में आगे की खुदाई कर रहा है.

सम्राट अकबर के शासनकाल के दौरान राजा टोडरमल मुगल साम्राज्य के वित्त मंत्री थे. वह अकबर के दरबार में ‘नवरत्नों’ में से एक थे और उन्होंने कराधान की एक नई प्रणाली शुरू की थी.

फतेहपुर सीकरी अपनी हवेली, बगीचे, मंडप, अस्तबल और कारवां के लिए जाना जाता था. बारादरी को अभी भी पहचाना जा सकता है.
(एजेंसी से इनपुट)