Supreme Court: अगर कोई कोर्ट की सुनवाई में बिना शर्ट पहने पहुंचे तो सोचो जज उसका क्या हाल करेंगे. और ये सब सुप्रीम कोर्ट में हो तो माहौल क्या होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. हाल ही में ऐसा हुआ, जब ऑनलाइन सुनवाई के दौरान एक शख्स बिना कमीज के पेश हुआ. Also Read - 'लव जेहाद' के खिलाफ कानून का मामला, सुप्रीम कोर्ट का इलाहाबाद हाईकोर्ट से मामलों के स्थानांतरण से इनकार

खबर के मुताबिक, उच्चतम न्यायालय में एक मामले की सुनवाई के दौरान वीडियो-कान्फ्रेंस लिंक पर एक व्यक्ति बिना कमीज पहने पहुंच गया. ये देख जज का गुस्सा चरम पर पहुंच गया. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल चुनाव संबंधी याचिका पर विचार करने से इनकार किया

न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा, ‘‘वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए सुनवाई करते हुए सात से आठ महीने हो जाने के बावजूद इस प्रकार की चीजें हो रही हैं.’’ Also Read - UPSC Exam: UPSC में शामिल होने के आखिरी मौके वाले उम्मीदवारों को झटका, नहीं मिलेगा कोई अन्य अवसर, जानें पूरा मामला

सुनवाई के दौरान स्क्रीन पर एक व्यक्ति के कमीज के बिना नजर आने पर पीठ ने कहा, ‘‘यह सही नहीं है.’’ न्यायालय में वीडियो-कान्फ्रेंस के जरिए सुनवाई के दौरान इस प्रकार की अप्रिय घटना पहली बार नहीं हुई है.

बता दें कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण न्यायालय वीडियो-कान्फ्रेंस के जरिए मामलों की सुनवाई कर रहा है.

इसी प्रकार की घटना 26 अक्टूबर को हुई थी, जब न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ के सामने एक वकील बिना कमीज पहने दिखाई दिया था.

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा था, ‘‘मुझे किसी पर सख्ती बरतना अच्छा नहीं लगता, लेकिन आप स्क्रीन पर हैं. आपको ध्यान रखना चाहिए.’’

न्यायालय में जून में डिजिटल सुनवाई के दौरान एक वकील बिस्तर पर लेटे हुए और टी-शर्ट पहनकर पेश हुआ, जिस पर न्यायाधीश ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि सुनवाई की जन प्रकृति को ध्यान में रखते हुए ‘‘अदालत के न्यूनतम शिष्टाचार’’ का पालन किया जाए.

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए मुकदमों में भाग ले रहे वकील ‘‘पेश होने योग्य’’ नजर आने चाहिए और ऐसी तस्वीरें दिखाने से बचना चाहिए जो उपयुक्त नहीं हैं.

इस साल अप्रैल में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी जब वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए हुई सुनवाई में एक वकील बनियान पहनकर पेश हुआ था जिस पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने नाराजगी जताई थी.
(एजेंसी से इनपुट)