ed218bf248c6ac45a5f6935e050ec07a Also Read - मथुरा: गेस्‍ट हाउस में ठहरी थीं युवतियां, बाथरूम में ताक-झांक कर रहे होटलकर्मी को दबोचा

Also Read - holi 2018 date shubh muhurt holika dahan importance significance| Holi 2018: जानें होली और होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

कृष्ण भगवान से सभी प्यार करते हैं। वह अनगिनत लोगो के प्रेरणास्रोत भी हैं मगर बहुत कम लोग यह जानते हैं की कृष्ण भगवान को गिरिधर क्यों कहा जाता हैं। गिरी का मतलब होता हैं पहाड़ और गिरिधर का मतलब होता हैं पर्वत उठाने वाला। Also Read - Twitter reactions on Rahul Gandhi's Geeta and Upanishad reading statement | राहुल गांधी के गीता वाले बयान के बाद लोगों ने ट्विटर पर ऐसे बनाया मज़ाक

यह भी पढ़े: बिलासपुर में बजरंगबली भक्तों से वसूलते हैं ब्याज

दरअसल श्री कृष्ण ने अपनी उँगलियों से गोवर्धन पहाड़ को उठाया था, इसी लिए उन्हें गिरिधर कहा जाता हैं। श्री कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने को भगवान इंद्र के झूटी शान से जोड़कर देखा जाता हैं।

यह भी पढ़े: क्या था साई बाबा का धर्म?

ऐसा बताया जाता हैं की इंद्र जिन्हें बारिश का देवता कहा जाता हैं वह बारिश कराकर लोगो से ज़बरन अपनी पूजा करवाते थे। लोग भी डर के मारे  उन्हें पूजते थे। यह सब बाते कृष्ण भगवान् को पसंद नहीं आयी और उन्होंने लोगो से कहा की इंद्र को पूजने के बजाये वह गोवार्धना को पूजे जो उन्हें प्राकृतिक आपदा से बचाते हैं।

लोगो को भगवान कृष्णा की बात में सच्चाई लगी और उन्होंने गोवर्धन की पूजा करनी शुरू की जिसे देखकर इंद्र को गुस्सा आया और उन्होंने ब्रज क्षेत्र में मुसलादार बारिश बरसाई। गाव वाले भगवान कृष्ण के पास गए और उनसे इस कहर से बचाने के लिए फ़रियाद करने लगे।

ऐसा बताया जाता हैं की श्री कृष्ण ने गांववालों को गोवर्धन से मदद मांगने को कहा। जैसी ही लोग पर्वत के पास पहुंचे भगवान कृष्ण ने गोवर्धन को उठा लिया और सभी लोगो को उसके निचे सहारा दिया जिसके बाद लोगो ने इंद्र को पूजना बंद कर दिया और भगवान कृष्ण को गिरिधर का नाम दिया।