चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के छठे रूप मां कात्यायनी जी की बड़ी श्रद्धा से पूजा की जाती है। माता को प्रसन्न करने से आपके जीवन के सारे दुख पलक झपकते दूर हो जाएंगे। तो आज हम आपको बताएंगे कैसे मां की पूजा करे मां को कौन सा फल चढाया जाता है। सबसे पहले मां कात्यायनी जी की पूजा सभी प्रकार से विधिवत पूजा अर्चना पुरे मन से करें फिर मन को आज्ञा चक्र में स्थापित करने हेतु मां का आशीर्वाद लेना चाहिए। और साधना में बैठना चाहिए इस प्रकार जो साधक प्रयास करते हैं उन्हें भगवती कात्यायनी सभी प्रकार के भय से मुक्त करती हैं। मां कात्यायनी की भक्ति से मनुष्य को अर्थ, कर्म, काम, मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।Also Read - Navratri 2016: sixth avatar as Ma Katyayini, how to worship | विशेष फलदायी है माँ नवदुर्गा का छठा कात्यायनी अवतार, ऐसे करें पूजन

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मां कात्यायनी के पूजा के समय पांच तरह के मिष्ठान चढ़ाया जाता है जो भक्त माता को पांच तरह की मिठाईयों का भोग लगाकर कुंवारी कन्याओं में प्रसाद रूप में बांटते हैं। मां कात्यायनी उनकी आय में आने वाली बाधा को दूर करती हैं और व्यक्ति अपनी मेहनत और योग्यता के अनुसार धन अर्जित करने में सफल होता है। मां की सच्चे मन से पूजा करने वाला भक्त कभी निराश नही होता है और मां भी अपने बच्चों पर सदैव ध्यान रखती हैं। यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्रि 2016: मां कुष्मांडा को प्रसन्न करने के उपाय Also Read - Worship goddess Kooshmanda worship on fourth day of Chitra Navratri । चैत्र नवरात्रि 2016: मां कुष्मांडा को प्रसन्न करने के उपाय

मां कात्यायनी की आराधना से भक्त का हर काम सरल एवं सुगम होता है। चन्द्रहास नामक तलवार के प्रभाव से जिनका हाथ चमक रहा है, श्रेष्ठ सिंह जिसका वाहन है, ऐसी असुर संहारकारिणी देवी कात्यायनी सभी का कल्यान करती हैं। वहीं माता के पूजा के समय इन मंत्रों के जाप से माता अपने भक्त पर खुश होती हैं। “चन्द्रहासोज्जवलकरा शार्दूलावरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्यादेवी दानव घातिनी॥“