Wuhan doctor Yi Fan skin turned dark : पिछले साल दिसंबर में चीन के वुहान शहर से फैले जानलेना कोरोना वायरस के कई ऐसे लक्षण हैं जिन्हें आजतक वैज्ञानिक भी समझ नहीं पाए हैं. ऐसा ही कोरोना का एक लक्षण देखने को वुहान के ही एक डॉक्टर में जिनकी त्वचा काली पड़ गई. जी हां, कोरोना वाययरस से पॉजिटिव पाए जाने के बाद एक चीनी डॉक्टर की इलाज के कारण अचानक त्वचा काली हो गई थी, हालांकि अब उनका रंग सामान्य होने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं.Also Read - कोरोना वायरस से संक्रमित हुए Harbhajan Singh, घर में ही किया गया क्‍वारंटीन

42 साल के डॉ. यी फैन (Yi Fan) को जनवरी में वुहान के एक अस्पताल में मरीजों का इलाज करते समय इस कोरोना हुआ था. हालांकि कई महीनों तक इस बीमारी से जूझने के बाद COVID-19 से पूरी तरह ठीक हो गए हैं. एक प्रवक्ता ने कहा कि उनकी असामान्य त्वचा की टोन एक एंटीबायोटिक दवा के कारण थी जो उन्होंने गहन देखभाल के दौरान ली थी. 42 साल के डॉ. यी फैन वुहान सेंट्रल अस्पताल में एक कार्डियोलॉजिस्ट हैं. Also Read - Revised Guidelines: कोरोना पर सरकार की संशोधित गाइडलाइंस- 5 साल से कम उम्र के बच्चों का मास्क लगाना जरूरी नहीं

Dr Yi (pictured before falling ill) beat COVID-19 after doctors hooked him to a life-support machine for 39 days Also Read - Corona: दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में हुईं कम मौतें, Vaccine ने दी बड़ी राहत, ये हैं आंकड़े

बता दें कि यी फैन दिवंगत COVID-19 व्हिसल-ब्लोअर ली वेनलियांग (Li Wenliang) के सहयोगी हैं, जिन्होंने वायरस के खतरे को भांपते हुए चीन की हरकत को दुनिया के सामने उजागर किया. उनके इस कदम से बाद वुहान पुलिस ने उन्हें फटकार लगाई थी और फिर ‘बीमारी’ से उनकी मौत हो गई. यी के एक और सहयोगी वुहान के सेंट्रल हॉस्पिटल के डॉक्टर हू विफेंग थे जो अप्रैल के महीने में उस वक्त चर्चा में आए थे जब कोरोना इन्फेक्शन के बाद इलाज के दौरान उनका रंग काला पड़ने लगा था.

He is seen after being revived in a clip released by Beijing Satellite TV

लंबे इलाज के बाद विफेंग की मौत हो गई. यह साफ नहीं है कि उनकी मौत कैसे हुई लेकिन लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि अगर वेन्लियांग की बात सुन ली जाती तो कई जानें बचाई जा सकती हैं. इलाज के दौरान डॉ हू की त्वचा भी काली पड़ गई. लगभग पांच महीने तक वायरस से लड़ने के बाद जून की शुरुआत में उनकी मृत्यु हो गई.

डॉक्टरों ने पहले बताया था कि लिवर के डैमज होने के बाद हार्मोन असंतुलन के कारण इन दोनों इन के त्वचा का रंग काला पड़ गया. हालांकि, बाद में चीन-जापान फ्रेंडशिप अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के डेप्युटी डायरेक्टर प्रफेसर डुआन जुन ने बताया था कि मेडिकल टीम ने दोनों डॉक्टरों को ऐंटीबायॉटिक Polymyxin B दी थी जिसकी वजह से उनका रंग काला पड़ा.