सिबिल स्कोर: लोन डिफॉल्ट से बचें और वित्तीय स्वतंत्रता पाएं!
जब कोई व्यक्ति लोन चुकाने में असमर्थ होता है, तो इसे लोन डिफॉल्ट कहा जाता है, जिससे उसका सिबिल स्कोर प्रभावित होता है.
सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच होता है और यह आपके क्रेडिट इतिहास का प्रतिनिधित्व करता है. अच्छे स्कोर पर लोन मिलना आसान होता है.
लोन डिफॉल्ट होने पर सिबिल स्कोर खराब हो जाता है, जिससे भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो जाता है.
लोन डिफॉल्ट के बाद भी, बकाया राशि और ब्याज चुकाने पर सिबिल स्कोर में सुधार संभव है, लेकिन यह समय ले सकता है.
सिबिल स्कोर की निगेटिव रैंकिंग सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पास पहुंच जाती है.
बिलों और लोन की किस्तों का समय पर भुगतान करना जरूरी है ताकि सिबिल स्कोर सकारात्मक बने.
लोन चुकाने के बाद NOC लें और क्रेडिट कार्ड बंद करते समय पूरी कागजी कार्रवाई करें ताकि सिबिल स्कोर सही तरीके से अपडेट हो सके.
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