टी20 में डब्बा गुल होने के बाद अब भारतीय सरजमीं पर अगले साल अक्टूबर में 50 ओवरों का विश्व कप होना है.

14 Nov, 2022

Sandeep Gupta

विश्व कप से पहले भारत के समक्ष कई चुनौतियां हैं जिसका सामना रोहित एंड कंपनी को करना है. सबसे बड़ी दिक्कत ओपनिंग को लेकर है. केएल को जरूरत से ज्यादा मौके दिए जा रहे हैं.

भारतीय वनडे टीम की चाल भी बेहद धीमी नजर आती है. तेजी से रन बनाने वाले बल्लेबाजों को मौका देने की सख्त जरूरत है. पृथ्वी शॉ, संजू सैमसन और ईशान किशन शानदार स्ट्राइक रेट वाले खिलाड़ी हैं.

इंग्लैंड की टीम में 9वें स्थान तक बल्लेबाजी है. भारत को उनसे सीखना चाहिए. टीम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी ऑलराउंडर्स की काफी कमी है.

भारत में केवल दो ही क्वालिटी ऑलराउंडर्स हैं. हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा मध्यक्रम की रीढ़ हैं. हार्दिक तेज गेंदबाजी और जड्डू स्पिन विभाग में अहम भूमिका निभाते हैं.

मौजूदा भारतीय गेंदबाजों में रफ्तार की कमी साफ नजर आती है. उमरान मलिक जैसे यंग टैलेंट को निखारना होगा. ऐसे नए युवाओं को भी मौका देना होगा.

भारत की फिरकी गेंदबाजी युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, रविचंद्रन अश्विन के इर्द-गिर्द घूमती है. अगला विश्‍व कप भारत में है. भारतीय पिचों को ध्‍यान में रखते हुए हमें स्पिन गेंदबाजी के टैलेंट तराशने होंगे.

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