नसीरुद्दीन शाह ने हिंदी सिनेमा में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं. स्पर्श. आक्रोश, बाजार, मासूम उनकी बेहतरीन फिल्मों में से एक हैं.
नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि जब भी फिल्म शोले का ज़िक्र होता है. तो सबसे पहले गब्बर सिंह या फिर कितने आदमी थे की ही याद आती है.
नसीरुद्दीन ने कहा-उस रोज मैंने अपनी आंखों से देखा था कि दर्शक अपने आप को जिन अभिनेताओं से एकाकार करते थे
उनको इस फिल्म में पछाड़ने वाले जुम्मा-जुम्मा चार दिन के इस एक्टर को किस तरह दुत्कार रहे थे.
दर्शकों के सामने 10-15 दिन इस बात को आने में लगे कि अरे! हम तो गलत बंदों पर अपना दांव लगा रहे थे इस फिल्म का असली हीरो तो गब्बर है.
नसीरुद्दीन ने कहा मैं तो ये कहने की जुर्रत करूंगा कि फिल्म को देखने के लिए जबरदस्ती थियेटर भरवाए गए.
नसीरुद्दीन ने एक इंटरव्यू में कहा था अमिताभ बच्चन ने तो कोई महान फिल्म नहीं की.
नसीरुद्दीन ने कहा मैं शोले को कोई ग्रेट फिल्म नहीं मानता. हां, मजेदार है पर ग्रेट नहीं.
नसीरुद्दीन शाह बोले मैं फिल्म शोले पर लगी मेहनत कभी भी नकार नहीं रहा हूं.
लेकिन जब इसे महान भारतीय फिल्मों में शामिल किया जाता है तो मैं कराह उठता हूं.
Thanks For Reading!
Next: Bold Web Series: परिवार के साथ कतई ना देखें ये वेब सीरीज
Find Out More