महाभारत : अर्जुन ने दुर्योधन से ये खास चीज मांगकर बचाई थी पांडवों की जान

14 Jan, 2025

Akarsh Shukla

महाभारत का युद्ध सिर्फ दो परिवारों के बीच नहीं था, बल्कि धर्म और अधर्म की लड़ाई थी.

कौरवों के पास 11 अक्षौहिणी सेना थी, जबकि पांडवों के पास सिर्फ 7 अक्षौहिणी सेना थी.

पांडवों की लगातार जीत से दुर्योधन परेशान होकर पितामह भीष्म पर पांडवों का पक्ष लेने का आरोप लगा बैठा.

गुस्से में भीष्म ने पांच दिव्य बाण बनाए और कहा कि अगले दिन वह पांडवों का वध कर देंगे.

पहले, अर्जुन ने एक बार दुर्योधन की जान बचाई थी, जब गंधर्वों ने उन्हें बंदी बना लिया था.

अर्जुन की इस मदद से खुश होकर दुर्योधन ने उन्हें वरदान देने का वादा किया था.

कृष्ण को पांच दिव्य बाणों की योजना का पता चला, तो उन्होंने अर्जुन को दुर्योधन से उसका वरदान मांगने को कहा.

अर्जुन उसी रात दुर्योधन के पास गया और वरदान के रूप में पांचों बाण मांग लिए.

दुर्योधन ने अपना वचन निभाते हुए वह बाण अर्जुन को दे दिए, लेकिन सुबह जब भीष्म से नए बाण बनाने को कहा, तो उन्होंने मना कर दिया.

इस तरह पांडवों की जान बच गई और यह घटना कौरवों की हार की शुरुआत बन गई.

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