Ramayan: वनवास के दौरान जानें कहां हुआ था श्रीराम और भरत जी का मिलाप

09 Mar, 2025

Shilpi Singh

रामायण से जुड़े कई प्रसंग व्यक्ति को शिक्षा देने के साथ-साथ भावुक भी कर देते हैं. ऐसा ही प्रसंग भरत और राम जी के मिलाप का भी है

वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण के उत्तरकाण्ड में भरत मिलाप का प्रसंग मिलता है.

इस प्रसंग को पढ़ने, सुनने या फिर देखने के बाद ही व्यक्ति का मन करुणा से भर उठता है.

चित्रकूट में स्थित उस स्थान का महत्व आज भी उतना ही बना हुआ है, जितना कि उस समय में था जब प्रभु श्रीराम और भरत जी का मिलाप हुआ था

इस स्थान पर आज एक मंदिर भी स्थापित है, जिसे भरत मिलाप मंदिर के नाम से जाना जाता है

मध्य प्रदेश के चित्रकूट में भगवान कामतानाथ परिक्रमा मार्ग पर भरत मिलाप मंदिर स्थित है

रामायण में वर्णित कथा के अनुसार, जब भगवान राम वनवास को गए, तो इस बात का पता चलते ही भरत भी उन्हें मानने के लिए चित्रकूट आए.

भरत ने भगवान राम से वापिस अयोध्या चलने की प्रार्थना की, लेकिन अपने वचन को पूरा करने के लिए भरत को स्नेह के साथ वापिस भेज दिया था

यह दृश्य इतना भावपूर्ण था कि आसपास प्रकृति भी भावुक हो गई और आस-पास के पत्थर भी पिघल गए, इसका वर्णन गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस में भी किया है

इस मंदिर में आज भी राम जी और भरत जी के पैरों के निशान एक शिला पर देखे जा सकते हैं.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी इंटरनेटपर दी गई जानकारी पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. India.com Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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