Janmashtami 2025: वह राक्षस जिसे श्रीकृष्ण नहीं कर सके पराजित, छल से मारा
13 Aug, 2025
Vineet Sharan
कालयवन नाम राक्षस ने मथुरा पर आक्रमण कर दिया, तब श्रीकृष्ण ने उससे कई दिनों तक युद्ध किया.
कालयवन को वरदान था कि कोई शस्त्र उसे मार नहीं सकता इसलिए श्रीकृष्ण भी उसे मार न सके.
तभी श्रीकृष्ण युद्ध भूमि छोड़कर चले गए. इसी कारण उनका नाम रणछोड़ भी पड़ा.
पर जाते-जाते श्रीकृष्ण ने कालयवन राक्षस को ललकारा तो वह भी उनके पीछे भागा.
श्रीकृष्ण महाराज मुचकुंद की गुफा में पहुंचे जहां वे सोये हुए थे.
श्रीकृष्ण ने मुचकुंद पर अपना पीतांबर वस्त्र डाल दिया और खुद छिप गए.
जब पीछे से कालयवन वहां पहुंचा तो उसे लगा श्रीकृष्ण सो रहे हैं और उसके लात मार दी.
चिरनिद्रा में सोए मुचकुंद जग गए और उनकी नजर पड़ते ही कालयवन भस्म हो गया.
महाराज मुचकुंद को इंद्र ने वरदान दिया था कि जो भी उन्हें जगाएगा वह आंखों खोलने पर नजर पड़ते ही भस्म हो जाएगा. (photo credit AI)
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता.
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