किस वजह से भगवान कृष्ण की द्वारका नगरी पूरी की पूरी समा गई समंदर में?

13 Oct, 2025

Shivani sharma

भगवान कृष्ण ने मथुरा छोड़ने के बाद द्वारका को अपनी राजधानी बनाया. यह नगरी समृद्धि, संस्कृति और वैभव का प्रतीक मानी जाती थी.

लेकिन आज भगवान कृष्ण की द्वारका नगरी समंदर की गहराइयों में खो चुकी है. आखिर क्या हुआ था कि यह भव्य नगरी जलमग्न हो गई? आइए, जानते हैं.

माना जाता है कि महाभारत युद्ध के 36 साल बाद श्री कृष्ण की द्वारिका नगरी समुद्र में डूब गई.

द्वारका नगरी के समंदर में डूबने के बाद सभी यदुवंशी भी मारे जाते है. बता दें कि ये सब गांधारी के श्राप के चलते हुआ.

महाभारत युद्ध के बाद युधिष्ठर का राजतिलक हो रहा था. तभी कौरवों की माता गांधारी ने श्रीकृष्ण को युद्ध का दोषी ठहराते हुए श्राप दे देती हैं.

गांधारी कहती हैं कि जिस प्रकार कौरवों के वंश का नाश हुआ वैसे ही यदुवंशी का वंश भी नष्ट हो जाएगा.

सालों से ऐसा माना जा रहा है इस श्राप की वजह से द्वारका नगरी पानी में समा गई.

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