कैसे हुआ था मां गंगा का जन्म? भगवान विष्णु से है नाता
मां गंगा के जन्म के कथा भी बहुत दिलचस्प है. यह राजा बलि और भगवान विष्णु के वामन अवतार से जुड़ी है.
एक कथा के अनुसार, जब राजा बलि ने पूरी धरती जीतने के बाद स्वर्ग पर राज करने के लिए इंद्र को ललकारा था.
तब इंद्र ने भगवान विष्णु ने स्वर्ग को बचाने की प्रार्थना की तो भगवान विष्णु वामन अवतार लेकर बलि के पास गए.
राजा बलि तब अपनी प्रजा की सुख-समृद्धि के लिए अश्वमेघ यज्ञ करवा रहा था और भगवान ने तब उससे भिक्षा मांगी.
भगवान ने राजा बलि से तीन पग जमीन मांगी और बलि से वचन मिला तो उन्होंने दो ही पग में संपूर्ण धरती और आकाश नाप लिया.
जब भगवान अपने पग से आकाश नाप रहे थे, तब ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल के जल से उनके पैर को धोया.
पैर धोते ही उन्होंने इस जल को वापस अपने कमंडल में भर लिया, जल का तेज बढ़ने से कमंडल में मां गंगा का जन्म हुआ.
तो मां गंगा को भगवान विष्णु के चरण से उत्पन्न माना जाता है, जिसे ब्रह्मा जी ने बाद में पर्वतराज हिमालय को पुत्री के रूप में सौंप दिया.
Thanks For Reading!
Next: महाभारत युद्ध में शिखंडी को सामने देख भीष्म ने क्या कहा?
Find Out More