नागा साधु कैसे बनते हैं? जानिए इनसे जुड़ी हर जरूरी बात 

22 Jan, 2025

Gaurav Barar

नागा साधु बनने के लिए 12 वर्ष का समय लगता है. नागा संप्रदाय में शामिल होने के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में छह साल लगते हैं.

इस दौरान नए सदस्य केवल लंगोट पहनते हैं और कुंभ मेले में अंतिम प्रण लेने के बाद लंगोट भी त्याग देते हैं, तथा जीवनभर इसी अवस्था में रहते हैं.

4 नागा उपाधियां- चार प्रमुख कुंभों में नागा साधु बनने पर उन्हें अलग-अलग नाम दिए जाते हैं.

इलाहाबाद के कुंभ में उपाधि पाने वाले को नागा, उज्जैन में खूनी नागा, हरिद्वार में बर्फानी नागा और नासिक में खिचड़िया नागा कहा जाता है. 

नागा के पद- दीक्षा लेने के बाद साधुओं को उनकी वरीयता के आधार पर विभिन्न पद दिए जाते हैं.

कोतवाल, पुजारी, बड़ा कोतवाल, भंडारी, कोठारी, बड़ा कोठारी, महंत, और सचिव प्रमुख पद होते हैं. सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण पद सचिव का होता है.

सात अखाड़े ही नागा बनाते हैं- तेरह प्रमुख अखाड़ों में से सात संन्यासी अखाड़े ही नागा साधु बनाते हैं. ये हैं जूना, महानिर्वणी, निरंजनी, अटल, अग्नि, आनंद और आवाहन अखाड़ा.

दिनचर्या- नागा साधु सुबह चार बजे उठकर नित्य क्रिया और स्नान करते हैं और फिर श्रृंगार करते हैं.

इसके बाद हवन, ध्यान, बज्रोली, प्राणायाम, कपाल क्रिया और नौली क्रिया करते हैं. पूरे दिन में एक बार शाम को भोजन करते हैं.

नागा श्रृंगार- 16 नहीं, बल्कि 17 श्रृंगार करते हैं. इनमें लंगोट, भभूत, चंदन, लोहे या चांदी के कड़े, अंगूठी, पंचकेश, कमर में माला,

माथे पर रोली, कुंडल, चिमटा, डमरू, कमंडल, गुथी हुई जटाएं, तिलक, काजल, हाथों में कड़ा, और बाहों में रुद्राक्ष की मालाएं शामिल हैं.

नागा वस्तुएं- त्रिशूल, डमरू, रुद्राक्ष, तलवार, शंख, कुंडल, कमंडल, कड़ा, चिमटा, कमरबंध या कोपीन, चिलम, धुनी के अलावा भभूत आदि.

नागा अभिवादन मंत्र- ॐ नमो नारायण है. नागा साधु केवल शिव के भक्त होते हैं और वे किसी अन्य देवता को नहीं मानते.

नागा साधुओं का कार्य गुरु की सेवा, आश्रम का कार्य, प्रार्थना, तपस्या और योग क्रियाओं का अभ्यास करना.

नागा साधु अपने अखाड़ों के आश्रम और मंदिरों में रहते हैं. कुछ तपस्या के लिए हिमालय या ऊंचे पहाड़ों की गुफाओं में भी रहते हैं.

नागा एक पदवी है और जब महिलाएं संन्यास में दीक्षा लेती हैं तो उन्हें भी नागा साधु बनाया जाता है, लेकिन वे सभी वस्त्रधारी होती हैं.

डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, लोक मान्याताओं पर आधारित है. इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए India.com उत्तरदायी नहीं है.

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