भूलकर भी न लाएं काशी से गंगाजल, लगता है महापाप
काशी को भगवान शिव की नगरी और मोक्ष की भूमि माना जाता है.
वाराणसी गंगा नदी के किनारे बसा है, जिसे हिंदू धर्म में सबसे पवित्र नदी माना जाता है
ऐसी धार्मिक मान्यता है कि काशी में प्राण त्यागने से जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है.
लेकिन ऐसी मान्यता है कि काशी के गंगाजल घर नहीं लाना चाहिए.
ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि मणिकर्णिका घाट पर लोग दाह-संस्कार के लिए आते हैं.
उनकी चिता की राख को घाट में ही विसर्जित कर दिया जाता है.
अगर आप काशी गंगाजल लाते हैं तो उसमें राख. विषाणु. आत्मा के अंग भी आ जाते हैं.
गंगाजल में मृतक के अवशेष आने से उसके जीवन मरण चक्र में बाधा पड़ती है. उसे पूरी तरह मोक्ष नहीं मिल पाता है.
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