Mahabharat: द्रौपदी ने अपने ही बेटे को क्यों दे दिया था मृत्यु का श्राप?
24 Feb, 2025
Parinay Kumar
महाभारत काल में श्राप का बड़ा महत्व था. कुछ श्राप का असर आज भी है.
महाभारत कथा के मुताबिक, द्रौपदी ने अपने बेटे को ही मृत्यु का श्राप दे दिया था.
घटोत्कच द्रौपदी के लिए बेटे की तरह ही था. हालांकि वह उसका सौतेला बेटा था.
घटोत्कच भीम और हिडंबा का बेटा था, लेकिन ऐसा क्या हो गया था कि द्रौपदी ने घटोत्कच को श्राप दे दिया.
आइये जानते हैं कि अपने पति के बेटे पर वह क्यों इतनी नाराज हो गई कि उसे जल्दी मृत्यु का श्राप दे डाला.
द्रौपदी के इस श्राप की वजह से भीम और उनकी पत्नी हिडिंबा भी विचलित हो गए थे.
द्रौपदी ने श्राप में कहा कि घटोत्कच की मृत्यु ना केवल जल्दी हो जाएगी.
हालांकि बाद में घटोत्कच की मृत्यु पर द्रौपदी भी बहुत दुखी भी हुई. कहा जाता है कि उन्होंने खुद को कोसा भी.
हिडिंबा ने घटोत्कच को द्रौपदी के बारे में अच्छी राय नहीं दी थी. उसने कहा था कि वह उसे अनदेखा करे.
जब घटोत्कच हस्तिनापुर पहुंचा तो उसने द्रौपदी को अनदेखा करने के साथ-साथ अपमानित भी किया.
इससे द्रौपदी आहत हुई और उसने घटोत्कच को श्राप दे दिया कि उसकी आयु कम होगी और वह बिना युद्ध के ही मारा जाएगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता.
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