Mahakumbh 2025: नागा बाबा होते हैं शुद्ध शाकाहारी, जानें क्या खाते हैं

22 Jan, 2025

Shilpi Singh

नागा का मतलब होता है वो लोग जो कुंडलिनी हठ योग को सिद्ध किए हुए हों , जो ध्यान की बहुत पवित्र एक्सरसाइज है.

नागा साधु आदि शंकराचार्य को अपना गुरु मानते हैं. वो दशनामी संप्रदाय से होते हैं. वो ज्यादा जंगलों या सूनसान मंदिरों में रहते हैं या फिर हिमालय के ऊपरी इलाकों में.

नागा साधु आमतौर पर शैव होते हैं - शिव के भक्त होते हैं लेकिन वो गणेश, सूर्य, विष्णु और शक्ति की भी उपासना करते हैं.

नागा साधु भिक्षा से मिले खाने को ही खाते हैं और इसके लिए वो केवल सात घरों में ही जाते हैं. वो आमतौर पर शाकाहारी होते हैं.

नागा बाबा को अगर सातों घरों से कोई भिक्षा ना मिले, तो उसे भूखा रहना पड़ता है.

आपको बता दें नागा साधु शुद्ध शाकाहारी और सात्विक भोजन लेते हैं.

इसके साथ ही वो पूरे दिन में वो केवल एक दिन ही भोजन कर सकते हैं और वो भी भिक्षा मांगकर.

इसके साथ ही वो एक दिन में केवल 7 घरों से ही भोजन मांग सकते हैं और जो मिलता है उसी से को खाकर गुजारा करना पड़ता है.

नागा साधुओं का भोजन शुद्ध, शाकाहारी और सात्विक होता है. इनके खाने में कंदमूल फल, जड़ी-बूटी, फल और पत्तियां शामिल होती हैं.

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