Mahakumbh 2025: क्या महिला नागा साधुओं को नहीं आता है पीरियड्स?
20 Jan, 2025
Shilpi Singh
महिला नागा साधु बनने के लिए सांसरिक मोह माया को त्याग कर एक अलग जीवन जीना होता है.
महिला नागा साधुओं को भी कई कड़े नियमों की परीक्षाओं को देना पड़ता है और फिर उनका ये तप महाकुंभ में पूर्ण होता है.
महिला नागा साधुओं का जीवन पुरुष नागा साधुओं से बहुत अलग होता है. उनके नियम, जीवनशैली और परंपराएं पुरुष नागा साधुओं से ज्यादा कठिन होती है
महिला नागा साधु केसरिया वस्त्र धारण करती है, जो कि बिना सिला हुआ होता है.
महिला नागा साधुओं को अपने बाल मुंडवाकर स्वयं का पिंडदान करना पड़ता है.
जूना अखाड़ा देश का सबसे बड़ा और पुराना अखाड़ा है. ज्यादातर महिला नागा इसी से जुड़ी हैं.
ऐसे में हर किसी के मन में सवाल उठता है कि अगर इस दौरन उन्हें मासिक धर्म आता है तो क्या वह स्नान करती हैं या नहीं?
अमृत स्नान के समय अगर पीरियड्स आ जाते हैं तो इस दौरान महिला नामा साधु होती है कि वह गंगाजल को हाथ में लेकर उसे अपने शरीर पर छिड़क लें.
इससे मान लिया जाता है कि महिला नागा साधु ने गंगा स्नान कर लिया है.
हालांकि, उन्हें गंगा तट पर जाने की अनुमति नहीं होती है. वे सिर्फ अपने शिविर में ही रहती हैं और वहीं जल में गंगाजल मिलाकर उससे स्नान करती हैं.
पीरियड्स के दौरान महिला नागा साधु साधना नहीं कर सकती हैं, इसलिए वे मानसिक जाप करती हैं.
Thanks For Reading!
Next: एक ही पिता की संतान थे रावण और कुबेर, मगर दोनों की माताएं थीं अलग
Find Out More