महाकुंभ में नागा साधु क्यों सबसे पहले करते हैं शाही स्नान?

17 Jan, 2025

Gargi Santosh

प्रयागराज में 45 दिनों के लिए आयोजित महाकुंभ मेले के चौथे दिन लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई.

अब जो अगला शाही स्नान होना है उस पर 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है.

आपको बता दें कि शाही स्नान की शुरुआत नागा साधु करते हैं और फिर आम लोगों को इसकी अनुमति मिलती है.

सन् 1760 में हरिद्वार कुंभ में नागा और वैरागी साधुओं के बीच पहले स्नान को लेकर खूनी संघर्ष हुआ था.

फिर, 1801 में पेशवा दरबार ने नागा और वैरागी साधुओं के लिए अलग-अलग घाट तय किए.

अंग्रेजों और मुगलों द्वारा भारत पर राज करने के बाद शैव नागा साधुओं को पहले स्नान करने का अधिकार दिया गया.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नागा साधु भगवान शिव के उपासक माने जाते हैं. इसलिए उन्हें पहला हक मिला.

समुद्र मंथन से निकले अमृत की 4 बूंदें जिन स्थानों पर गिरीं, वहां कुंभ मेले की परंपरा शुरू हुई.

फिर शंकराचार्य द्वारा धर्म की रक्षा के लिए बनाई गई नागा साधुओं की टोली को स्नान का पहला अधिकार दिया गया.

Thanks For Reading!

Next: महिला नागा साधु भगवान शिव के साथ करती हैं इन माता की पूजा

Find Out More