इन गलतियों से लगता है पितृ दोष, पीढ़ियों तक नहीं छूटता पीछा!

26 Jan, 2025

Pooja Batra

पितृ दोष एक ऐसा ज्योतिषीय दोष है, जिसे हमारे पूर्वजों की आत्मा की असंतुष्टि या अधूरी इच्छाओं का प्रतीक माना जाता है.

हिंदू धर्म में इसे अत्यधिक गंभीर दोष माना जाता है, क्योंकि इसका असर पीढ़ियों तक रहता है.

कई बार हम जाने-अनजाने ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे पितृ दोष उत्पन्न हो जाता है.

आइए जानते हैं कि पितृ दोष क्यों लगता है. श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों का तर्पण, पिंडदान, और पूजा न करना, उनकी आत्मा को अशांत बना सकता है.

यदि कोई व्यक्ति अपने पूर्वजों का अनादर करता है या उनके दिए गए संस्कारों का पालन नहीं करता, तो यह पितृ दोष का कारण बन सकता है.

परिवार के सदस्यों के बीच लगातार कलह और अशांति से पितृ दोष बढ़ता है.

यदि आपके घर में अचानक से पीपल का पौधा निकल आए तो समझ जाएं कि आपके पितर आपसे नाराज हैं.

य​ह इस बात का भी संकेत है कि आपके घर में पितृ दोष है और जल्द से जल्द इसका निवारण करवाएं.

सपने में बार-बार अपने पूर्वजों को देखना भी एक खास संकेत होता है. यदि सपने में पूर्वज रोते हुए या दुखी होते हुए दिखाई दें तो इसका मतलब यह है कि वह आपसे बेहद नाराज हैं.

अगर आप लंबे समय से कोई काम करने के बारे में सोच रहे हैं और बार-बार उसमें बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं तो यह भी पितृ दोष का ही एक संकेत है.

यदि भोजन करते समय बार-बार खाने में बाल निकलता है तो इसे गलती से भी नजरअंदाज न करें. क्योंकि यह भी पितरों की नाराजगी का ही एक संकेत है.

आप इस तरह से पितृ दोष दूर कर सकते हैं. श्राद्ध पक्ष में पितरों का तर्पण और पिंडदान विधि-विधान से करें.

पितरों की आत्मा की शांति के लिए अन्न, वस्त्र, और धन का दान करें

पीपल, बरगद, या तुलसी का पौधा लगाकर उनकी नियमित पूजा करें

गीता के 15वें अध्याय का पाठ करने से पितृ दोष का निवारण होता है

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