Premanand Ji Maharaj: मां-बाप को बेटी के घर पानी पीना चाहिए या नहीं?
वृंदावन वाले महाराज जी के सत्संग में एक श्रद्धालु ने उनसे पूछा क्या मां-बाप को बेटी के घर का पानी पीना चाहिए.
क्या बेटी के घर का पानी पीने से सच में पाप लगता है?
गुरुजी ने बताया कि शास्त्रों में बेटे और बेटी के बीच में कोई भेद नहीं किया गया है.
सनातन धर्म में स्त्रियों को पूजनीय समझा जाता है इस वजह से लोग बेटियों के घर का पानी पीना पाप मानते हैं.
हालांकि ऐसा विचार रखना सही नहीं है. जितना बेटे का अधिकार है उतना ही बेटियों का भी होता है.
अगर माता पिता की तबियत खराब होती है तो जितना एक बेटे की अधिकार होता है उनकी सेवा करना उतना ही बेटी का भी होता है.
अगर मां-बाप अपनी बेटी के घर पूरी जिंदगी भी बिता लें तो कोई दिक्कत नहीं होती है.
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