श्री श्री रविशंकर ने बताया बिना कुंभ जाए कैसे मिलेगा पुण्य?

26 Jan, 2025

Gargi Santosh

श्री श्री रविशंकर ने महाकुंभ को अध्यात्म और आत्मचेतना का महत्वपूर्ण अंग बताया.

उन्होंने कहा कि आत्मचेतना अमर है और जीवन में शांति और धैर्य जरूरी है.

बता दें कि महाकुंभ में साधु-संत व भक्त संगम पर स्नान कर आशीर्वाद और अध्यात्म का अनुभव करते हैं.

यदि आप कुंभ नहीं जा सकें तो मां गंगा को ध्यान में लाना भी पुण्यदायक है.

श्री श्री रविशंकर कहते हैं कि शरीर की सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन मन और विचार की कोई सीमा नहीं होती.

उन्होंने बताया कि संगम का स्नान पूर्वजों तक भी पुण्य का फल पहुंचाता है.

श्री श्री ने कहा कि धार्मिक विधियों का मूल आत्मा ही अध्यात्म है.

महाकुंभ सदियों पुरानी परंपरा है, जो आध्यात्मिक शांति और संतोष देती है.

बिना कुंभ गए भी ध्यान और मन की शांति से समान पुण्य अर्जित किया जा सकता है.

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