रावण और राम के जीवन का वर्णन रामायण में दिया गया, लेकिन क्या आपको पता है कि रावण अपने पूर्व जन्म में कौन था
रामायण की कहानी के अनुसार रावण का जन्म एक राक्षस कुल में हुआ था और बाद में वह सोने की लंका का राजा बना
लंकापति रावण को अपने ज्ञान और बल पर अहंकार था. यह अहंकार उसकी मौत का कारण बना
लेकिन रावण की मौत का कारण उसे पिछले जन्म में मिला श्राप था. जिसकी वजह से उसका जन्म राक्षस कुल में हुआ
धर्म शास्त्रों के अनुसार रावण और कुंभकरण दोनों पिछले जन्म में वैकुंठ लोक के द्वारपाल थे. जिनका नाम जय और विजय था
एक बार सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार नामक मुनि वैकुंठ लोक में श्री हरि के दर्शन करने पहुंचे. लेकिन जय और विजय द्वारपालों ने उन्हें वैकुंठ में प्रवेश करने से रोक दिया
जिसके बाद मुनियों ने कहा कि तुम्हें 3 जन्म तक राक्षस कुल में ही रहना होगा. इसके बाद तुम्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी
मुनियों ने श्राप दिया तुम्हारे कर्म राक्षसों जैसे हैं. इसलिए तुम राक्षस कुल में जन्म लोगे. यह सुनकर वह माफी मांगने लगे
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