मां सरस्वती, लक्ष्मी और गंगा ये तीनों विष्णु भगवान की पत्नियां थीं, तीनों नारायण को प्रसन्न करने का प्रयास करती रहती थीं

22 Feb, 2024

Shweta Bajpai

एक बार मां गंगा ने विष्णुजी के प्रति अपना लगाव जाहिर किया, जिसकी वजह से मां सरस्वती को ईर्ष्या महसूस होने लगी

ऐसे में लगाव जाहिर करने के लिए सरस्वती ने अपने पति विष्णु को बहुत सी बातें सुनानी शुरू कर दीं

लक्ष्मी ने बीच में आकर दोनों को शांत करने का प्रयास किया, इस पर सरस्वती ने लक्ष्मी को भी गंगा की सहायिका मानते हुए उनका अपमान किया

सरस्वती ने आवेश में आकर देवी लक्ष्मी को शाप दिया, आप निर्विकार भाव से हमारे विवाद को देख रही हैं इसलिए लक्ष्मी को वृक्ष बन जाने का श्राप दिया

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सरस्वती के श्राप के प्रभाव से देवी लक्ष्मी तुरंत तुलसी के पौधे में बदल गई

देवी सरस्वती ने इसके बाद गंगा को शाप दे दिया कि आप नदी बनकर पृथ्वी पर जाओ और पापी मनुष्यों के पाप समेटो

भगवान विष्णु ने देवियों को समझाकर उनका क्रोध शांत किया तब उन्हें अपनी गलतियों का एहसास होने लगा

भगवान विष्णु ने कहा कि कलियुग के दस हजार वर्ष पूरे होने के बाद सभी देवियां पृथ्वी से अपने लोक में आकर वास्तविक स्वरूप में आकर मिल जाएंगी

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