सबकुछ त्यागने वाले नागा साधु मां से मिलते ही क्यों रो पड़ते हैं?

23 Jan, 2025

Gargi Santosh

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, सनातन का अर्थ होता है- शाश्वत...जिसका न कोई आदि है न कोई अंत.

नागा साधु सनातन की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर देते हैं. वह अपने प्राण त्याग देते हैं.

मगर, जैसे ही वह मां से मिलते हैं, उनकी भावनाएं बदल जाती हैं और वह रो पड़ते हैं.

बता दें कि नागा साधु गंगा को अपनी 'मां' मानते हैं. जब वह शाही स्नान के लिए जाते हैं तो उनकी भावनाएं बदल जाती हैं.

मां गंगा के पास पहुंचते ही नागा साधु बच्चों की तरह ममता और निर्भीकता से भर जाते हैं.

शाही स्नान के पहले नागा साधुओं की बेताबी और अठखेलियां देखने को मिलती हैं.

गंगा मां से मिलन का क्षण उनके लिए अध्यात्म की पराकाष्ठा जैसा होता है.

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