धर्म ग्रंथों के अनुसार राधा रानी का भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम था जिसे आध्यात्मिक प्रेम कहा गया है.
श्रीकृष्ण भगवान विष्णु का अवतार थे जबकि राधा रानी माता लक्ष्मी का अवतार मानी जाती हैं. द्वापर काल में दोनों के बीच प्रेम होते हुए भी इनका विवाह नहीं हुआ.
कथाओं के अनुसार श्रीकृष्ण का विवाह रुक्मणी जी से और राधा जी का विवाह अयान से हुआ था.
ऐसे में कई बार मन में सवाल आता है कि आखिर राधा जी ने श्रीकृष्ण की बजाय अयान से शादी क्यों की?
राधा रानी के विवाह का जिक्र ब्रह्मवैवर्त पुराण और गर्ग संहित में मिलता है. जिसके अनुसार राधान जी का विवाह अयान से हुआ था.
किवदंती के अनुसार एक बार अयान ने माता लक्ष्मी को पाने के लिए घोर तपस्या की थी. तब भगवान विष्णु ने उसे वरदान दिया कि लक्ष्मी राधा के रूप में तुम्हारी पत्नी बनेंगी.
भगवान विष्णु के इसी वरदान को पूरा करने के लिए राधा रानी ने श्रीकृष्ण की बजाय अयान से विवाह किया. लेकिन अयान कभी उन्हें छू भी न सका.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता.
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