झारखंड के दुमका जिले में पड़ने वाले मलूटी को मंदिरों का गांव कहा जाता है.
10 Oct, 2024
Vaibhav Vivek
मलूटी गांव में कभी 108 मंदिर और 108 तालाब हुआ करते थे. वर्तमान में वहां करीब 70 मंदिर बचे हुए हैं.
झारखंड का मलूटी 21वीं सदी में सनातन धर्मालंबियों और पर्यटकों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है .
मलूटी को गुप्त काशी के नाम से भी जाना जाता है. हर दिन भारी तादाद में सनातन भक्त मां मौलिक्षा के दर्शन-पूजन करने के लिए यहां पहुंचते हैं.
झारखंड के दुमका जिले में पड़ने वाले मलूटी को मंदिरों का गांव कहा जाता है.
मलूटी की मंदिरों पर वास्तुकला, पौराणिक दृश्य, फूलों की आकृतियां और धार्मिक कथाओं को दर्शाने वाले पैनलों को देखा जा सकता है.
मंदिरों पर टेराकोटा कला स्थानीय कारीगरों के कौशल और रचनात्मकता के अद्वितीय प्रमाण को प्रदर्शित करता है.
इन मंदिरों का निर्माण 1720 में निष्कर राज के राजा राखड़ चंद्र राय ने शुरू किया जो 1845 तक उनके वंशजों द्वारा भी निरंतर चलता रहा.
साल 2015 के गणतंत्र दिवस समारोह में झारखंड सरकार ने मलूटी की झांकी राजपथ पर दिखाई थी.(फोटो साभार- झारखंड सरकार)
साल 2022 में पीएम मोदी ने गांधी जयंती पर मलूटी के मंदिरों के जिर्णोद्धार की घोषणा की थी. इसके बाद जिर्णोद्धार कार्य शुरू किया गया.
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