कहां है भारत का इकलौता जिंदा ज्वालामुखी, फटा तो ले डूबेगा ये शहर

18 Feb, 2025

Akarsh Shukla

ज्वालामुखी विस्फोट की तबाही के निशान दुनिया में कई जगह दिखते हैं, लेकिन भारत अब तक इस खतरे से बचा रहा है.

भारत का बैरन द्वीप ज्वालामुखी, जो अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में है, दक्षिण एशिया का इकलौता सक्रिय ज्वालामुखी है.

वैज्ञानिक चिंतित हैं क्योंकि हाल के वर्षों में भूकंप और सुनामी की घटनाएं बढ़ी हैं, जो इस ज्वालामुखी के विस्फोट का कारण बन सकती हैं.

यह ज्वालामुखी लगातार सक्रिय है और इसके आगे भी सक्रिय रहने की संभावना है, जिससे संभावित खतरे को लेकर शोध जारी है.

अगर यह फटा, तो इसका असर सिर्फ भारत ही नहीं, पूरे दक्षिण एशिया पर पड़ेगा, जिससे पर्यावरण और जनजीवन प्रभावित होगा.

सबसे ज्यादा असर अंडमान की राजधानी पोर्ट ब्लेयर पर पड़ेगा, क्योंकि यह ज्वालामुखी से महज 150 किमी दूर है.

ज्वालामुखी विस्फोट के बाद उठने वाली राख और जहरीली गैसें वातावरण में फैलकर जलवायु को प्रभावित कर सकती हैं.

समुद्री जीवन भी खतरे में पड़ सकता है, क्योंकि लावा और जहरीली गैसें महासागर के इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

1787 में पहली बार इस ज्वालामुखी से धुआं और लावा निकलते देखा गया था, और तब से यह कई बार सक्रिय हो चुका है.

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