मौत की सजा सुनाने के बाद जज क्यों तोड़ देते हैं कलम?
23 Jan, 2025
Gaurav Barar
नेटफ्लिक्स की नई सीरीज ब्लैक वारंट, में जेल से जुड़ी चीजें फिल्माई गई हैं.
ये सीरीज काफी चर्चा में है जिसके बाद लोगों के मन में कई सवाल आ रहे हैं.
इनमें एक सवाल ये भी है कि मौत की सजा सुनाने के बाद जज कलम क्यों तोड़ देते हैं.
दरअसल, फिल्मों में कई बार यह देखने को मिलता है कि जज किसी को फांसी की सजा सुनाने के बाद अपने पेन की निब तोड़ देते हैं.
असल में ये कोई नियम नहीं है बल्कि एक परंपरा मानी जाती है.
माना जाता है कि फांसी की सजा सबसे कठोरतम सजा होती है, यह एक बेहद गंभीर और ऐतिहासिक फैसला होता है.
जज अपनी कलम इसलिए तोड़ देते हैं क्योंकि वह नहीं चाहते कि इसका प्रयोग अब और किसी अन्य निर्णय के लिए किया जाए.
ये इस बात को दर्शाता है कि ऐसे गंभीर अपराध दोबारा न हो जिससे दोबारा किसी को फांसी देनी पड़े.
ये भी माना जाता है कि जिस पेन से मौत की सजा लिखी गई है, उसका दोबारा उपयोग नहीं किया जाना चाहिए.
ये सिर्फ एक विचार है, परंपरा है कोई नियम नहीं है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रथा ब्रिटिश शासन के समय का था. उस वक्त भारत में अंग्रेजी कानून फॉलो हो रहा था, उस समय जज फंसी की सजा सुनाने के बाद पेन की निब तोड़ देते थे.
बाद में जहां-जहां अंग्रेजों ने शासन किया, उन देशों में भी इस परंपरा को फॉलो किया जाने लगा.