corona vaccination in india: कोलकाता में एक 35 वर्षीय नर्स कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद बेहोश हो गई. ये जानकारी वरिष्ठ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने रविवार को दी. अधिकारी ने कहा कि महिला के बेहोश होने की वजह जानने के लिए विशेषज्ञों का एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है. Also Read - West Bengal: BJP अध्‍यक्ष JP Nadda ने लॉन्‍च किया 'सोनार बांग्‍ला' अभियान, एक्‍ट्रेस Payel Sarkar ने ज्‍वाइन की भाजपा

अधिरकारी ने कहा, “कोलकाता में COVID19 वैक्सीन लगवाने के बाद बीमार पड़ने वाली 35 वर्षीय नर्स की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है, और यह पता लगाने के लिए एक विशेषज्ञों का एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है कि वह खुराक लेने के बाद बेहोश क्यों हुई.” Also Read - Gujarat Chief Minister Vijay Rupani: कोरोना वायरस से मुक्त हुए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, अस्पताल से मिली छुट्टी

अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता में 35 वर्षीय एक नर्स कोविशील्ड टीका लगने के बाद अचेत हो गई जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि कई टीकों के बाद इस तरह की एलर्जी संबंधी दिक्कत हो जाती है और नर्स की हालत को लेकर अभी कुछ भी चिंताजनक नहीं है. Also Read - Petrol Price Today 17 February 2021: पेट्रोल ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पहुंचा 100 रुपये के पार, दिल्ली में रेट 90 के करीब

बता दें कि इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी के राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के एक स्वास्थ्यकर्मी अनिवेश कुमार को शनिवार को कोविड-19 की वैक्सीन लगने के तुरंत बाद हल्का दवा प्रभाव (रिएक्शन) देखने को मिला. कोविड वैक्सीन दिए जाने के बाद अस्पताल के एक नर्सिग अधिकारी अनिवेश कुमार को घुटन के साथ ही कमजोरी महसूस हुई और इसके अलावा उन्हें जिस जगह पर इंजेक्शन लगाया गया था, वहां भी दर्द महसूस हुआ.

टीका लगने के पांच मिनट बाद, जब वह अवलोकन कक्ष (ऑब्जर्वेशन रूम) में थे, तब उन्हें सांस लेने में तकलीफ और अंगों में कमजोरी महसूस हुई. स्वास्थकर्मी ने कहा, मेरी बांह (जहां वैक्सीन का टीका लगा गया था) दर्द कर रही है.

हालांकि वह 15 से 20 मिनट के भीतर ठीक हो गए और अवलोकन कक्ष के बाहर आ गए. उन्होंने कहा, मुझे कुछ कमजोरी और हाथ में दर्द महसूस हो रहा है. उन्होंने कहा, हालांकि मुझे बताया गया है कि ये कुछ हल्के प्रतिक्रियाएं हैं, जो आमतौर पर वैक्सीन लगने के बाद होती हैं.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शनिवार को कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ शुरू किए गए दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत शनिवार को भारत में अग्रिम पंक्ति के लगभग दो लाख स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई.

इसके साथ ही दुनियाभर में 10 महीनों में लाखों जिंदगियों और रोजगार को लील लेने वाली इस महामारी के भारत में खात्मे की उम्मीद जगी है. भारत में करीब एक करोड़ लोगों के संक्रमित होने और 1,52,093 लोगों की मौत के बाद देश ने ‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’ टीके के साथ महामारी को मात देने के लिए पहला कदम उठाया है और देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर आज टीकाकरण किया गया.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में टीकाकरण के पहले दिन 3,352 केंद्रों पर 1,91,181 स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई. स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ एम्स दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल, भाजपा सांसद महेश शर्मा और पश्चिम बंगाल के मंत्री निर्मल माजी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें टीके की पहली खुराक दी गई.