West Bengal Assembly Elections 2021: पूर्व क्रिकेटर सौरभ गांगुली की राज्‍यपाल जगदीप धनखड़ एवं गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के साथ मुलाकात के बाद उनके राजनीति में आने की चर्चा तेज हो गई है. इस बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि क्‍या गांगुली बंगाल चुनाव में राजनीतिक पारी का आगाज करेंगे. ऐसे भी कयास लगाये जा रहे हैं कि वह भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. Also Read - अमित शाह ने इस राज्य के सीएम की तारीफ़ में कही ये बात, बोले- सत्ता में वापसी तय है

इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने बातचीत के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री बनने से पहले सौरभ गांगुली को पार्टी में शामिल होना होगा. उन्हें पार्टी के लिए काम करना होगा. उसके बाद ही वह किसी पद के दावेदार हो सकते हैं. इस संबंध में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पश्चिम बंगाल के मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने भी अपने विचार सामने रखे. सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि कौन कहां जाता है, कौन किसके साथ बातचीत करता है, इसका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है. मुलाकात और बातचीत का अगर कोई निष्कर्ष निकलता है, तभी उस पर कोई प्रतिक्रिया दी जा सकती है. Also Read - विश्व का सबसे टीकाकरण अभियान भारतीय वैज्ञानिकों और आत्मनिर्भर भारत की क्षमता को दर्शाता है: अमित शाह

उल्लेखनीय है कि सौरभ गांगुली ने रविवार को राजधानी कोलकाता में शाम को करीब एक घंटे तक राज्यपाल से बातचीत की थी. शाम को सौरभ गांगुली (Sourav Ganguly) राजभवन गये और एक घंटे तक वहां रुके. इसके बाद से ही कयास लगने लगे कि सौरभ गांगुली राजनीति में कदम रखने वाले हैं. इस संबंध में दिलीप घोष ने भी कहा कि ऐसे लोगों को राजनीति में आना चाहिए. हालांकि, अब तक सौरभ गांगुली की ओर से इस संबंध में कोई बयान नहीं आया है. भाजपा ने भी साफ-साफ कुछ नहीं कहा है. Also Read - Sourav Ganguly Daughter Sana Ganguly: सना गांगुली के Instagram पर छाए हैं दादा, वाकई पापा के बहुत करीब है उनकी बिटिया