West Bengal Election: चुनाव आयोग (ईसी) ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय पुलिस बल विशेष रूप से पश्चिम बंगाल नहीं भेजे जा रहे हैं बल्कि सभी चुनावी राज्यों में उनकी तैनाती की जा रही है. साथ ही आयोग ने ध्यान दिलाया कि यह कई दशकों से चल रही नियमित प्रक्रिया है. चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय पुलिस बल (सीपीएफ)नियमित रूप से उन सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भेजे जाते है जहां लोकसभा या विधानसभा चुनाव होने हैं.Also Read - West Bengal: अब ट्रैफिक नियमों की अनदेखी महंगी पड़ेगी, अब 500 की जगह 5000 हजार रुपए फाइन लगेगा

आयोग ने कहा, ‘‘केंद्रीय पुलिस बलों को नियमित रूप से अग्रिम क्षेत्रीय अधिकार के लिए लोकसभा व विधानसभा वाले राज्‍यों में भेजा जाता है, विशेषकर उन गंभीर और नाजुक क्षेत्रों में जिन्‍हें सावधानीपूर्वक की गई अग्रिम समीक्षा में चिन्हित किया जाता है और जिनके बारे में राजनीतिक दलों और अन्‍य इकाइयों सहित विभिन्‍न स्रोतों से पुख्‍ता फीडबैक प्राप्‍त होता है.’’ Also Read - Padma Awards: बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने पद्म भूषण ठुकराया, कहा- 'मुझे इस सम्मान के बारे में किसी ने नहीं बताया'

चुनाव निकाय कहा कि यह परिपाटी 1980 के दशक से चल रही है. आयोग ने कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि मीडिया के कुछ वर्गों में पश्चिम बंगाल में विशेष रूप से केन्‍द्रीय पुलिस बल भेजने की खबर छपी है.. Also Read - UP Election 2022: कैराना में विधायक भाई नाहिद हसन के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी इकरा चौधरी

बयान में कहा गया है, ‘‘2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी सभी राज्‍यों व केन्‍द्रशासित प्रदेशों में केंद्रीय बल भेजे गए थे. इसी प्रकार केंद्रीय बल उन सभी राज्‍यों में भेजे जा रहे हैं जहां चुनाव होने है. वर्तमान मामले में केंद्रीय पुलिस बल सभी चार राज्‍यों-असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केन्‍द्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में भेजे गए हैं. इन राज्‍यों में चुनाव होने वाले हैं.’’

आयोग ने कहा कि केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती के लिए आदेश एक ही दिन यानी 16 फरवरी को मुख्‍य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों तथा मुख्‍य निर्वाचन अधिकारियों को जारी किए गए.

(इनपुट भाषा)