Bengal News: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को पूर्व सांसद अर्पिता घोष (Arpita Ghosh) को पार्टी की प्रदेश इकाई का महासचिव नियुक्त किया. इससे दो दिन पहले ही राज्यसभा के सभापति ने उच्च सदन से उनका इस्तीफा स्वीकार किया था. टीएमसी की राज्य इकाई के अध्यक्ष सुब्रत बख्शी ने घोष को लिखे पत्र में यह घोषणा की.Also Read - त्रिपुरा में तृणमूल सांसद सुष्मिता देव और अन्य नेताओं पर हमला, कीमती सामान लूटा; भाजपा पर आरोप

उन्होंने गुरुवार को जोर देकर कहा था कि राज्यसभा सदस्य के रूप में इस्तीफा देने का फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श करने के बाद लिया गया था, और यह उन पर थोपा नहीं गया था. रंगमंच से जुड़ी रहीं घोष पूर्व में लोकसभा सदस्य भी रह चुकी हैं. उन्होंने कहा कि उच्च सदन का सदस्य होने और निचले सदन का सदस्य होने में अंतर है. Also Read - West Bengal Post Poll Violence Case: CBI और SIT ने हाइकोर्ट को सौंपी सीलबंद रिपोर्ट

घोष ने कहा था, ‘जब मैं राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुई कोविड-19 महामारी शुरू हो गई और एक सांसद के तौर पर मुझे ज्यादा कुछ करने का अवसर नहीं मिला. मुझे लगता है कि मैं अब संगठनात्मक मामलों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करूंगी, और अपने जुनून – रंगमंच के लिए और अधिक समय समर्पित करूंगी – अगर मैं यहां (पश्चिम बंगाल) रहती हूं.’ Also Read - उपचुनाव में सभी सीटों पर विजयी हुई ममता बनर्जी की पार्टी, जंगीपुर में 92,480 मतों के भारी अंतर से जीते TMC के जाकिर हुसैन

उच्च सदन के सभापति और उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को उनका इस्तीफा स्वीकार किया था. बालुरघाट संसदीय सीट से 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान हार का सामना करने वाली घोष को मार्च 2020 में राज्यसभा के लिये चुना गया था.

(इनपुट: भाषा)