कलकता: पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार बंगाल विधानसभा के विशेष सत्र में आज कृषि कानूनों (Farm Laws 202) के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाली है. हालांकि ममता बनर्जी इस दौरान वाम और कांग्रेस नेताओं को भी विधानसभा में साथ लाना चाहती थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका और वाम-कांग्रेस पार्टी ने इस प्रस्ताव का विरोध शुरू कर दिया. उनका कहना है कि समिति की बैठक में इस बाबत चर्चा नहीं की गई है. बता दें कि भाजपा का कहना है कि ममता बनर्जी द्वारा लाए जा रहे प्रस्ताव का विरोध करेगी. Also Read - WB Assembly Elections 2021: शिवरात्री के अवसर पर नामांकन दाखिल करेंगी ममता बनर्जी, जानें इस दिन को क्यों चुना?

विधानसभा के पहले सत्र में बंगाल में विपक्षी दल कांग्रेस और वाम दल इस प्रस्ताव को नियम 185 के तहत लाने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस विषय पर चर्चा की होनी चाहिए. यही नहीं विपक्षी पार्टियां ममता सरकार द्वारा साल 2014 में लाए गए कृषि कानून को भी रद्द करने की मांग की है. Also Read - मंत्री Jakir Hossain पर हमले को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप, ममता बनर्जी बोलीं- हत्या की क्या जरूरत

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान, केरल और दिल्ली सरकार प्रस्ताव पारित कर चुकी है. बता दें कि दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 2 महीने से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि 26 जनवरी के दिन प्रदर्शन के नाम पर हुई हिंसा के बाद इस प्रदर्शन से कई किसान संगठन खुद को अलग कर चुके हैं. Also Read - किसानों के मसले को लेकर मोदी सरकार संवेदनशील है, सरकार ने किसानों को 'प्रस्ताव पर प्रस्ताव' दिया