भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हमले के बाद से पश्चिम बंगाल की ममता सरकार और राज्यपाल के बीच रिश्ते और तल्ख हो गए हैं. इस घटना के संबंध में राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भाजपा को लगातार बाहरी पार्टी करार देने संबंधी ममता बनर्जी की टिप्पणी की निंदा करते हुए उनसे ऐसी राजनीति से दूर रहने को कहा जो राष्ट्रीय ताने-बाने को कमजोर करती हैं. Also Read - MBBS Seats Increase: इस राज्य में MBBS की सीटें बढ़कर हुई 4 हजार, सीएम ने दी ये जानकारी

शुक्रवार को कहा कि उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हिंसक हमले को लेकर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेज दी है. साथ ही उन्होंने राज्य में खराब होती कानून व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि नड्डा पर हमले की घटना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के दिन हुई. Also Read - School Reopening Latest News: इस राज्य में अक्टूबर में भी नहीं खुलेंगे स्कूल, सीएम ने दिए ये संकेत, जानिए पूरा मामला 

राजभवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्यपाल ने कहा, ‘‘मैंने केंद्र को अपनी रिपोर्ट भेज दी है जिसकी विषय वस्तु यहां साझा नहीं की जा सकती.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का उल्लंघन करने वालों को पुलिस और प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है और विपक्ष के किसी भी प्रतिरोध को कुचला जा रहा है. Also Read - WBBSE Madhyamik 10th Result 2020: सीएम ममता बनर्जी ने छात्रों को पहले एकेडमिक माइलस्टोन पार करने के लिए दी बधाई

धनखड़ ने कहा, ‘‘राज्यपाल डाकघर नहीं है… वह राजभवन में ही सीमित नहीं रह सकता जब मानवाधिकारों का उल्लंघन हो.’’ उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल अपनी शपथ का अनुपालन करेगा चाहे कुछ भी हो.’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान की रक्षा करना उनका कर्तव्य है.

धनखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भी संवैधानिक प्रावधानों के तहत है और उन्हें संविधान के अनुसार ही कार्य करना होगा. भाजपा को बाहरी पार्टी करार देने संबंधी ममता बनर्जी की टिप्पणी का संदर्भ देते हुए धनखड़ ने कहा कि भारत की नागरिकता एक है और स्थानीय बनाम बाहरी की राजनीति बंद होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरशाहों का एक वर्ग ‘ राजनीतिक नौकर’ की तरह काम कर रहा है जबकि उसे वेतन जनता के पैसों से मिल रहा है.

राज्यपाल ने कहा, ‘‘जवाबदेही तय की जाएगी.’’ उन्होंने ममता बनर्जी से कहा कि वह आग से नहीं खेलें. उन्होंने कहा, ‘‘ हर बीतते दिन के साथ राज्य में कानून व्यवस्था खराब हो रही है. मुख्यमंत्री और प्रशासन को अगाह करने के बावजूद कुछ नहीं हो रहा है.’’ धनखड़ कर ने कहा कि मुख्यमंत्री का राजभवन के प्रति ‘‘गैर उत्तरदायी’’ रवैया इंगित करता है कि संविधान के अनुसार शासन नहीं चल रहा है.

(इनपुट भाषा)