कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दीवार गिरने और करंट लगने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई. वहीं, दामोदर घाटी निगम बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद पानी सड़कों और घरों में भर जाने से राज्य के छह जिलों के कम से कम 2.5 लाख लोग विस्थापित हो गए. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.Also Read - यूपी: गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान नदी में बहे पांच लोग, एक शव बरामद

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने विस्थापितों के लिए आश्रय स्थल बनाए हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में पिछले एक सप्ताह से राहत अभियान चल रहा है. पूर्व वर्द्धमान,पश्चिम वर्द्धमान,पश्चिम मेदिनीपुर, हुगली, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना जिले के अनेक स्थानों में कमर तक पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. Also Read - काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान: बाढ़ के पानी में डूबने से 24 दुर्लभ जानवरों की मौत, 17 हॉग हिरण भी मारे गए

अधिकारी के मुताबिक एक लाख से अधिक तिरपाल, एक हजार मीट्रिक टन चावल, पानी के हजारों पाउच और साफ कपड़े आश्रय गृह भेजे गए हैं. उन्होंने कहा,‘‘ हम बाढ़ के कारण जान गंवाने वाले सभी 14 लोगों के बारे में जानकारियां जुटा रहे हैं. हमें जिला प्रशासन से अंतिम रिपोर्ट मिलने का इंतजार है.’’ सेना और वायु सेना ने सोमवार को हुगली जिले में बचाव अभियान चलाया,जहां नदियां तटों को तोड़ते हुए बह रही हैं, जिससे गांवों में बाढ़ आ गई है. Also Read - Bihar Floods: बिहार में 15 जिलों के 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित, अब तक 53 लोगों की मौत