नई दिल्ली: बुधवार की रात पश्चिम बंगाल के निमतिता रेलवे स्टेशन पर टीएमसी के नेता व पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री जाकिर हुसैन पर बम से हमला किया गया. इस हमले में कई लोग घायल हो गए और गंभीर हालत में घायल जाकिर हुसैन को अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसके बाद उन्हें कोलकाता रेफर कर दिया गया था. रेल मंत्रालय के लोगों द्वारा की जा रही जांच के मुताबिक इस मामले में टीएमसी के ही नेताओं का हाथ है, जिन्होंने आपसी कलह के चक्कर में इस घटना को अंजाम दिया. Also Read - WB Polls 2021: प. बंगाल में पेट्रोल पंप परिसरों से हटेंगी PM मोदी की तस्वीरें, चुनाव आयोग ने दिया 72 घंटे का समय

जांचकर्ताओं ने टीएमसी और भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के बीच राजनीति प्रदिद्वंद्विता की ओर इशारा करते हुए इस धमाके में आतंकवाद के एंगल को नकार दिया. बता दें कि जाकिर हुसैन ने साल 2017 में टीएमसी के दो सदस्यों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने पुलिस को बताया था कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है. Also Read - Assembly Polls 2021: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले शशिकला का राजनीति से संन्यास का ऐलान, कहा- 'कभी सत्ता या पद की नहीं रही चाह'

बता दें कि पूरी घटना बुधवार शाम की है जब जाकिर हुसैन कोलकाता के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर पहुंचे थे. राज्य सरकार के एक अन्य मंत्री फिरहाद हकीम का दावा है कि इस घटना में जाकिर हुसैन समेत पार्टी के 26 लोग घायल हो गए हैं. इन घायलों में 14 की हालत गंभीर है. बता दें कि हुसैन को कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यहां डॉक्टर उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं. Also Read - Assembly Elections 2021: कल होगी BJP की केंद्रीय चुनाव सिमिति की बैठक, पांचों राज्यों के उम्मीदवारों के नाम पर मंथन

बता दें कि ममता बनर्जी ने इस मामले पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था और इस मामले को हत्या का प्रयास बताया था. घायल मंत्री से मिलने के ममता बनर्जी भी अस्पताल पहुंची थी. उनका कहना था कि बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले टीएमसी पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है.