West Bengla Elections 2021: पश्चिम बंगाल में बढ़ते राजनीतिक तापमान के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि वह किसी से नहीं डरतीं और उन्हें जेल से या किसी अन्य चीज से नहीं डराया जा सकता. उन्होंने कहा कि उनकी मातृभाषा बांग्ला ने उन्हें बाघ की तरह लड़ना सिखाया है और वह चूहों से नहीं डरतीं.Also Read - IAS Cadre Rules में बदलाव करने जा रही मोदी सरकार, जानें इससे क्या फर्क पड़ेगा, जिसका विरोध हो रहा है

किसी व्यक्ति या किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बिना तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उन्होंने हारना नहीं सीखा है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें जेल से डराने की कोशिश न करें, हमने बंदूकों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और चूहों के खिलाफ लड़ने से नहीं डरते.’’ Also Read - Netaji Subhash Chandra Bose की 125वीं जयंती : राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, ममता ने कहा- राष्ट्रीय अवकाश घोषित करें

मुख्यमंत्री ने यहां अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘जब तक मैं जीवित हूं, मैं किसी डर या धमकी से नहीं डरने वाली.’’ इस कार्यक्रम से पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मुख्यमंत्री के भतीजे एवं लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी और साली को रविवार को कोयला चोरी के मामले में नोटिस थमाकर जांच में शामिल होने को कहा. Also Read - Manipur Polls 2022: मणिपुर में विधानसभा चुनाव से पहले TMC का एकमात्र विधायक BJP में शामिल

उन्होंने कहा कि वह ऐतिहासिक 21 फरवरी के दिन सभी चुनौतियों को स्वीकार करती हैं. बनर्जी ने कहा, ‘‘(20)21 में मुकाबला होने दीजिए, देखते हैं किसकी शक्ति ज्यादा है, (20)21 में केवल एक खेल होगा और उस मैच में, मैं गोलकीपर रहूंगी तथा देखना चाहती हूं कि कौन जीतता है और कौन हारता है.’’

मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘हमने हारना नहीं सीखा है और वे हमें हरा नहीं पाएंगे.’’ पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ अपनी-अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

(इनपुट भाषा)