West Bengal News: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह बार बार यह कहकर पश्चिम बंगाल के किसानों को गुमराह कर रही है कि राज्य सरकार ने उन्हें ‘प्रधानमंत्री किसान निधि सम्मान’ योजना के तहत नकदी लाभों से वंचित किया है. Also Read - Pradhan Mantri Awas Yojana: पीएम मोदी ने गरीबों को भेजे 2700 करोड़ रुपए, खातों में आए या नहीं, ऐसे करें चेक

तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से कहा, ‘भाजपा बार-बार कह रही है कि पश्चिम बंगाल के किसानों को इस योजना के तहत मिलने वाले नकदी लाभों से वंचित किया जा रहा है. यह सही नहीं है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केन्द्र सरकार से कहा था कि वह किसानों को प्रत्यक्ष रूप से नहीं बल्कि राज्य सरकार के जरिये नकदी लाभ प्रदान करे.’ Also Read - बजट से पहले सर्वदलीय बैठक का आयोजन, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे अध्यक्षता

उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार की मंशा राजनीतिक लाभ उठाने की है.’ रॉय ने कहा कि सरकार ने संसद में कृषि कानूनों को पारित कराने के लिये ‘संख्या बल’ का इस्तेमाल किया. उसने आलू और प्याज को भी आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटा दिया. Also Read - Check PMAYG 2021 Beneficiary List: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2691 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करेंगे पीएम मोदी, जानिए कैसे लें इस योजना का लाभ

उन्होंने कहा कि इससे बाजार में आलू और प्याज के दाम बढ़ रहे हैं, जिन्हें संभालना राज्य सरकार के लिये मुश्किल हो रहा है.

रॉय ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने अपनी ‘कृषक बंधु’ योजना के तहत राज्य के किसानों को 2,642 करोड़ रुपये दिए हैं और कृषि क्षेत्र में बजटीय आवंटन पांच गुना बढ़ा है. इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नौ करोड़ किसान परिवारों को 18,000 करोड़ रुपये प्रदान किये थे.