West Bengal assembly elections 2021: बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में लड़ने के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ बातचीत कर रही है. राजद के प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी और राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के साथ गठबंधन पर बातचीत के लिए कोलकाता में हैं.Also Read - West Bengal: अब ट्रैफिक नियमों की अनदेखी महंगी पड़ेगी, अब 500 की जगह 5000 हजार रुपए फाइन लगेगा

रजक ने कहा, ” हम साथ मिलकर बंगाल चुनाव लड़ने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे.” सिद्दीकी और रजक कोलकाता में बनर्जी से चर्चा करने से पहले उनकी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं. राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पटना से फोन पर बताया कि पार्टी बंगाल-बिहार सीमा पर स्थित कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना तलाश रही है. Also Read - Padma Awards: बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने पद्म भूषण ठुकराया, कहा- 'मुझे इस सम्मान के बारे में किसी ने नहीं बताया'

हालांकि उन्होंने उन सीटों की संख्या नहीं बताई जिन पर राजद चुनाव लड़ने की योजना बना रही है. पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. तिवारी ने कहा कि बनर्जी के राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और पार्टी बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष के हाथों को मजबूत करना चाहती है. Also Read - West Bengal: स्कूल-कॉलेजों को खोलने की मांग, कहा- जब शराब की दुकानें खुल सकती हैं तो कोरोना नियमों के साथ शिक्षण संस्थान क्यों नहीं?

प्रवक्ता ने कहा कि राजद का प्राथमिक लक्ष्य पश्चिम बंगाल में “सांप्रदायिक” भाजपा के प्रभाव को रोकना और ममता बनर्जी के नेतृत्व में धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करना है. राजद की नजर बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा पर कुछ सीटों पर है जहां हिंदी भाषी मतदाताओं की अच्छी खासी आबादी रहती है. राजद का वाम मोर्चा के शासन काल में 2006 से 2011 के बीच पश्चिम बंगाल में एक विधायक था.

(इनपुट भाषा)