Suvendu Adhikari Contest Against Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल चुनाव (West Bengal Election) के लिए बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी कर दी है. पहले और दूसरे चरण के लिए बीजेपी ने एक बहुत बड़ा दांव चला है. कभी ममता बनर्जी के अहम सिपहसालार रहे शुवेंदु अधिकारी को ही ममता बनर्जी के सामने चुनाव मैदान में उतार दिया है. शुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम (Nandigram Vidhan Sabha Constituency) से चुनाव मैदान में उतरेंगे. ममता बनर्जी पहले ही इस सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं. करीब दो लाख मतदाताओं वाली नंदीग्राम सीट (Nandigram Assembly Seat) अब वो सीट बन गई है, जिस पर पूरे देश निगाहें होंगी.Also Read - भरी सभा में अपनी ही पार्टी की पोल खोलने लगे भाजपा सांसद अरविंद शर्मा, मंच से बोले- सीएम खट्टर अपने दिमाग से काम नहीं करते

ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने अपने राजनीतिक जीवन को नंदीग्राम से ही ऊँचाई दी थी. नंदीग्राम ममता बनर्जी के लिए बेहद अहम जगह है. वहीं, शुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस में रहते हुए 2016 में नंदीग्राम से ही जीत दर्ज की थी. शुवेंदु अधिकारी (Shuvendu Adhikari) ने सीपीआई (CPI) के अब्दुल कबीर शेख को करीब 80 हज़ार वोटों से हराया था. इस सीट पर बीजेपी की ओर से चुनाव लड़े बिजन कुमार दास को सिर्फ 10 हज़ार 713 वोट मिले थे. Also Read - राशन उठाने वाले अनधिकृत लोगों से वसूली के ‘शासनादेश’ पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार: कांग्रेस

बीजेपी को जिस नंदीग्राम सीट से 2016 के विधानसभा चुनाव में 10 हज़ार 713 वोट मिले थे. अब वहाँ से बीजेपी ने एक बड़ा दांव खेलते हुए टीएमसी के ही दिग्गज नेता रहे शुवेंदु (Suvendu Adhikari Nandigram) को उतार दिया है. देखना दिलचस्प होगा कि टीएमसी में रहते हुए इस सीट पर बड़ी जीत दर्ज करने वाले शुवेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee Vs Suvendu Adhikari) का सामना किस तरह से कितने सफल तरीके से कर पाते हैं. Also Read - भाजपा का मिशन विजयः संगठन को मजबूत करने के साथ ही विरोधियों को कमजोर करने की रणनीति पर हो रहा काम

अगर आंकड़ों और जीत की बात करें तो बीजेपी नंदीग्राम सीट पर जीत के आसपास भी नहीं पहुंची है. नंदीग्राम से 6 बार कांग्रेस, 10 बार सीपीआई जीत चुकी है. जबकि लगातार तीन बार से टीएमसी जीतती आ रही है. ये टीएमसी का बेहद मजबूत किला माना जाता है. 1977 में इस सीट पर एक बार जनता पार्टी भी विधानसभा चुनाव जीत चुकी है.